
प्रवासी जुड़ाव और वैश्विक सहयोग की दिशा में बिहार सरकार की अहम पहल
पटना, 15 जुलाई 2025: बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जानकारी दी है कि फ्रांस में बिहार फाउंडेशन का नया चैप्टर गठित किया गया है। यह चैप्टर फ्रांस में बसे प्रवासी बिहारियों को एक संगठित मंच प्रदान करेगा, जो राज्य के स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यापार, संस्कृति और पर्यटन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग देकर बिहार के समग्र विकास में योगदान देंगे।
प्रवासी जुड़ाव को मिला नया आयाम
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल वैश्विक साझेदारी को मजबूती देने और बिहार के विकास में प्रवासी समुदाय की भूमिका को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा:
“बिहार फाउंडेशन के फ्रांस चैप्टर के जरिए 16 प्रवासी बिहारियों ने पंजीकरण कराया है, जो आने वाले समय में इस संख्या में वृद्धि और प्रभावी भागीदारी का संकेत है।”
शिलांग चैप्टर पर भी बनी सहमति
सम्राट चौधरी ने यह भी बताया कि पूर्वोत्तर भारत में बिहार मूल के लोगों की भागीदारी को सशक्त करने के उद्देश्य से शिलांग में भी बिहार फाउंडेशन चैप्टर के गठन पर सहमति दी गई है।
यह चैप्टर शिलांग में रह रहे छात्रों, व्यापारियों, नौकरीपेशा और सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं को बिहार से जोड़ने का एक सशक्त मंच प्रदान करेगा।
‘बिहार स्पंदन’ की अहम भूमिका
फ्रांस में सक्रिय ‘बिहार स्पंदन’ नामक संस्था वर्षों से होली, दिवाली, छठ जैसे पर्वों के आयोजन के साथ-साथ निवेश फोरम जैसी व्यावसायिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही है।
अब यह संस्था बिहार फाउंडेशन के फ्रांस चैप्टर के तहत और अधिक व्यवस्थित और सहयोगात्मक ढंग से कार्य करेगी।
सरकार की रणनीति: दुनिया से जुड़े बिहारवासी, विकास से जुड़े बिहार
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा:
“बिहार सरकार का प्रयास है कि राज्य के मूल से जुड़े लोग, चाहे वे देश में हों या विदेश में, राज्य के विकास में भागीदार बनें। यह सिर्फ भावनात्मक जुड़ाव नहीं, बल्कि एक संगठित आर्थिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक सहयोग का सेतु है।”
मुख्य बिंदु संक्षेप में
- फ्रांस में बिहार फाउंडेशन का नया चैप्टर गठित
- शिलांग चैप्टर के गठन पर सहमति
- ‘बिहार स्पंदन’ संस्था की सक्रिय सहभागिता
- अब तक 16 प्रवासी बिहारियों का पंजीकरण
- वैश्विक साझेदारी और प्रवासी सहयोग पर सरकार का फोकस
विशेष: बिहार फाउंडेशन की यह पहल विकास, संस्कृति और जनसंपर्क को वैश्विक स्तर पर सशक्त बनाएगी और “विकसित बिहार” की दिशा में प्रवासी समुदाय को एकजुट करेगी।


