पटना, 13 जुलाई।बिहार सरकार ने युवाओं को आत्मनिर्भर और कौशलयुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को एक्स (पूर्व Twitter) पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि सरकार ने 2025 से 2030 के बीच एक करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी या रोजगार उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है।
मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में लिखा कि सरकार का यह प्रयास राज्य के युवाओं को सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में व्यापक अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि निजी क्षेत्र विशेषकर औद्योगिक इकाइयों में रोजगार सृजन को लेकर एक उच्चस्तरीय समिति के गठन की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।
20 वर्षों में 18 लाख सरकारी नौकरियाँ, 39 लाख को रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 से 2020 के बीच बिहार सरकार ने 8 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी। वर्ष 2020 में ‘सात निश्चय – भाग 2’ के अंतर्गत 10 लाख सरकारी नौकरियों और 10 लाख रोजगार का लक्ष्य तय किया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 50 लाख कर दिया गया।
अब तक राज्य में:
- 10 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी
- लगभग 39 लाख युवाओं को अन्य माध्यमों से रोजगार प्रदान किया जा चुका है।
नीतीश कुमार ने विश्वास जताया कि अगस्त 2025 तक 50 लाख रोजगार लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा, और इसके बाद 2025-2030 के बीच इसे दोगुना करते हुए 1 करोड़ तक पहुंचाया जाएगा।
कौशल विकास के लिए बनेगा ‘जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय’
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार और उद्योगों से जोड़ने के लिए कौशल प्रशिक्षण अनिवार्य है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि बिहार में एक विशेष विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी।
इस विश्वविद्यालय का नाम होगा —
जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय,
जिसका उद्देश्य राज्य के युवाओं को व्यावसायिक, तकनीकी और आधुनिक रोजगार प्रशिक्षण देना होगा।
मुख्यमंत्री ने इसे बिहार के गौरव, भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर को समर्पित एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
मुख्यमंत्री का एक्स पोस्ट क्या कहता है?
नीतीश कुमार ने अपने पोस्ट में लिखा:
“राज्य में अधिक से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार मिले, यह हमारी प्राथमिकता रही है। वर्ष 2020 में 10 लाख नौकरी और 10 लाख रोजगार का लक्ष्य तय किया गया था जिसे बढ़ाकर 50 लाख किया गया और अब इसे दोगुना करते हुए आगामी पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार और नौकरी देने का लक्ष्य तय किया गया है।”
निजी क्षेत्र में भी खुलेगा अवसरों का द्वार
राज्य सरकार केवल सरकारी नौकरियों तक ही सीमित नहीं रहना चाहती। उद्योगों, सेवा क्षेत्रों और स्वरोजगार के लिए विशेष योजनाएं तैयार की जा रही हैं। इसके लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी जो:
- निजी क्षेत्र में रोजगार अवसरों की पहचान करेगी,
- नवाचार और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देगी,
- और कौशल आधारित उद्योगों का विकास सुनिश्चित करेगी।
बिहार सरकार का यह कदम राज्य की युवा शक्ति को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा प्रयास है। जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना और 1 करोड़ युवाओं को नौकरी व रोजगार देने का लक्ष्य आने वाले वर्षों में राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित हो सकता है।


