पटना, 13 जुलाई।बिहार के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने जा रही एक बड़ी परियोजना के तहत रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड अब मधुबनी जिले के लोहट औद्योगिक क्षेत्र (फेज-1) में कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट स्थापित करने जा रही है।
बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 26.60 एकड़ भूमि का आवंटन कर दिया है। परियोजना में कुल 125 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
क्लीन एनर्जी और रोजगार का संयोजन
इस परियोजना के माध्यम से:
- प्रतिवर्ष 7875 मीट्रिक टन कंप्रेस्ड बायोगैस,
- और 80,000 मीट्रिक टन जैविक उर्वरक (ऑर्गैनिक फर्टिलाइज़र) का उत्पादन होगा।
यह संयंत्र कृषि अपशिष्ट को संसाधित कर ऊर्जा और उर्वरक तैयार करेगा, जिससे न केवल पर्यावरण को लाभ होगा बल्कि किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी।
इसके साथ ही इस प्लांट से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 250 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।
बिहार को ग्रीन इंडस्ट्रियल स्टेट बनाने की दिशा में अहम कदम
बिहार सरकार के ‘हरित औद्योगिक विकास’ (Green Industrial Growth) के विजन को यह परियोजना मजबूत आधार देगी। रिलायंस की यह पहल बिहार को ग्रीन इंडस्ट्रियल स्टेट के रूप में पहचान दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।
भूमि आवंटन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब जल्द ही निर्माण कार्य आरंभ होने की संभावना है।
परियोजना से क्या मिलेगा लाभ?
| लाभार्थी | लाभ |
|---|---|
| युवा | 250+ रोजगार के अवसर |
| किसान | जैविक खाद की उपलब्धता, कृषि अपशिष्ट की आय में तब्दील |
| पर्यावरण | स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, प्रदूषण में कमी |
| राज्य | निवेश और हरित उद्योगों में बढ़ोतरी |
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की यह पहल बिहार के औद्योगिक, पर्यावरणीय और सामाजिक विकास में त्रिआयामी योगदान देगी। मधुबनी का यह बायोगैस प्लांट राज्य को ऊर्जा आत्मनिर्भरता और सस्टेनेबल फ्यूचर की ओर तेजी से बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।


