श्रावणी मेला के दूसरे दिन दो लोगों की गंगा में डूबने से सनसनी, आक्रोशित कांवरियों ने किया सड़क जाम

भागलपुर/सुलतानगंज, 13 जुलाई 2025।श्रावणी मेले के दूसरे दिन शनिवार को सुलतानगंज में दो अलग-अलग स्थानों पर गंगा में डूबने की घटनाओं से अफरा-तफरी मच गई। एक ओर कमरगंज दुर्गा मंदिर के पास गंगा स्नान कर रहा एक कांवरिया डूब गया, वहीं दूसरी ओर नमामि गंगे घाट पर ड्यूटी पर तैनात एक आपदा मित्र भी डूब गया। घटनाओं के बाद प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कांवरियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग को घंटों जाम कर दिया।

कमरगंज घाट पर कांवरिया डूबा, शव का नहीं चला पता

पश्चिम चंपारण जिले के धनहा थाना क्षेत्र के तमकुआं बाजार निवासी गोविंद गुप्ता (उम्र 19 वर्ष), जो कांवर यात्रा पर आए थे, कमरगंज दुर्गा मंदिर के पास गंगा स्नान के दौरान सेल्फी लेते समय फिसलकर गहरे पानी में डूब गए। देर शाम तक उनका शव नहीं बरामद हो सका।

गोविंद के पिता नगीलाल गुप्ता ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने डूबे बेटे की खोजबीन में कोई तत्परता नहीं दिखाई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द शव की बरामदगी नहीं होती है, तो कांवरिया बंधु सड़क जाम करेंगे।

नमामि गंगे घाट पर आपदा मित्र डूबा, सिलेंडर खत्म होने से रुकी खोजबीन

वहीं दूसरी ओर, नगर परिषद सुलतानगंज के वार्ड संख्या 24 शाहाबाद निवासी अभय राज (उम्र 23 वर्ष), जो मेले में आपदा मित्र के रूप में तैनात थे, नमामि गंगे घाट पर ड्यूटी के दौरान गंगा में डूब गए।

उनके भाई नीरभय कुमार ने बताया कि सुबह सूचना मिलने पर घाट पहुंचे, जहाँ उन्होंने अभय के कपड़े और चप्पल घाट पर पड़े देखे। उन्होंने आरोप लगाया कि सूचना देने के बावजूद चार घंटे तक प्रशासन ने कोई सक्रिय प्रयास नहीं किया।

एसडीआरएफ के हवलदार रविंद्र कुमार पासवान ने बताया कि खोजबीन जारी थी, लेकिन गैस सिलेंडर खत्म हो जाने के कारण अभियान रोकना पड़ा। अब पटना से सिलेंडर आने के बाद ही खोज जारी रहेगी।

सड़क जाम, CO को घेरा गया, जनप्रतिनिधियों ने की पहल

शव की खोजबीन न होने से नाराज़ कांवरियों ने एनएच को जाम कर दिया और मौके पर पहुंचे सीओ रवि कुमार को घेर लिया। स्थिति तनावपूर्ण हो गई, लेकिन बाद में स्थानीय विधायक प्रो. ललित नारायण मंडल और अन्य अधिकारियों ने लोगों को शांत कराया और जल्द से जल्द दोनों डूबे युवकों की खोज कराने का आश्वासन दिया।

पूर्व एमएलसी प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार ने मीडिया से कहा कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक दिन पहले ही मेले का उद्घाटन किया था, लेकिन इतनी बड़ी घटना ने प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी है। चार घंटे बीत जाने के बावजूद खोजबीन का नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है।


यह घटनाक्रम न केवल प्रशासनिक सजगता पर सवाल उठाता है, बल्कि श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं भी सामने लाता है। प्रशासन ने रविवार को भी तलाशी अभियान चलाने की बात कही है।


 

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