उपमुख्यमंत्रियों ने किया श्रावणी मेला 2025 का भव्य उद्घाटन, सुल्तानगंज में विकास योजनाओं की झड़ी

भागलपुर, 11 जुलाई 2025बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को सुल्तानगंज के नमामि गंगे घाट पर आयोजित समारोह में दीप प्रज्वलन कर विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2025 का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में मंत्रियों, विधायकों और उच्चाधिकारियों की उपस्थिति रही तथा भविष्य की कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की घोषणा की गई।

मुख्य घोषणाएं एवं विकास कार्य

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा:

  • गंगा उत्तरवाहिनी पथ का निर्माण ₹200 करोड़ की लागत से किया जा रहा है।
  • सुल्तानगंज से देवघर तक फोरलेन सड़क का निर्माण शीघ्र शुरू होगा, जो तारापुर होते हुए सीधे बाबा धाम तक पहुंचेगी।
  • नमामि गंगे घाट के समीप 17 एकड़ रेलवे जमीन पर्यटन विभाग को दी गई है — यहां धार्मिक पर्यटन केंद्र विकसित किया जाएगा।
  • सुल्तानगंज हवाई अड्डा, बाबा अजगैबीनाथ हवाई अड्डा के नाम से, ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के तहत बनेगा।
  • गंगाजल सिंचाई योजना के तहत मुंगेर, भागलपुर और बांका के किसानों को हनुमान डैम के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
  • बरियारपुर से कोलकाता तक एक्सप्रेसवे की योजना केंद्र सरकार के सहयोग से प्रस्तावित है।

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा:

“बोल बम का नारा, बाबा एक सहारा” इस क्षेत्र की आस्था और सांस्कृतिक चेतना को दर्शाता है। 105 किमी की पदयात्रा एक तपस्या है और सरकार इस पवित्र यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

स्थानीय प्रतिनिधियों और प्रशासन की भागीदारी

कार्यक्रम की अध्यक्षता राजस्व व भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने की। श्रम संसाधन मंत्री एवं भागलपुर प्रभारी मंत्री संतोष कुमार सिंह, भवन निर्माण मंत्री जयंत राज, सुल्तानगंज विधायक ललित नारायण मंडल, कहलगांव विधायक पवन कुमार यादव, बिहपुर विधायक कुमार शैलेंद्र, पीरपैंती विधायक ललन कुमार सहित जनप्रतिनिधियों ने दीप प्रज्वलन में भाग लिया।

जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने जानकारी दी कि रेलवे की भूमि पर ₹20.80 करोड़ की लागत से दो धर्मशालाएं बनेंगी। नव विकसित बाईपास मार्ग से श्रद्धालुओं को जाम से राहत मिलेगी। साथ ही आसपास के जिलों की प्यासी धरती को गंगाजल पहुंचाने की दिशा में कार्य आरंभ हो चुका है।


यह आयोजन बिहार सरकार के विकासशील, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करता है, जो आस्था, सुविधा और समर्पण के त्रिकोण में संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


 

  • Related Posts

    80 बरस के ‘शेर’ की शौर्यगाथा! पटना के प्रेमचंद रंगशाला में गूँजा “अधूरा सपना”; जब वीर कुँवर सिंह ने काट दी अपनी भुजा, रो पड़ा पूरा हॉल

    Share Add as a preferred…

    Continue reading
    पटना की हाईटेक लैब में हो रही ‘शक्ति’ की परीक्षा! 100 प्रोजेक्ट्स पास, अब धांधली पर लगेगी लगाम; जानें कैसे बन रहे बिहार के सरकारी भवन

    Share Add as a preferred…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *