
भागलपुर, 10 जुलाई 2025:बिहार ग्रामीण बैंक एम्प्लाई एवं ऑफिसर फेडरेशन की भागलपुर इकाई ने गुरुवार को एक दिवसीय हड़ताल का आयोजन किया। यह हड़ताल ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर की गई थी, जिसमें 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारियों ने कार्य से विरत होकर विरोध जताया।
हड़ताल की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- फाइव डे बैंकिंग व्यवस्था लागू करना
- आईपीओ प्रस्ताव को तत्काल वापस लेना
- सेवा शर्तों में सुधार और
- वेतन-पदोन्नति में समानता
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सरकार और बैंक प्रबंधन द्वारा उनकी लगातार उपेक्षित मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है, जिससे यह विरोध आवश्यक हो गया।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व बिहार ग्रामीण बैंक एम्प्लाई फेडरेशन के अध्यक्ष रामअवतार यादव और ऑफिसर फेडरेशन के अध्यक्ष तुलसी कुमार सिंह ने किया। दोनों नेताओं ने कहा कि अगर मांगे नहीं मानी गईं तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से तेज किया जाएगा।
हड़ताल में लगभग 100 कर्मचारी शामिल हुए। प्रमुख भागीदारी करने वालों में
आकाश आनंद, राकेश कुमार, जय शेखर, राजीव कुमार, अनुज कुमार, पंकज कुमार और चंदन कुमार जैसे कर्मचारी और अधिकारी शामिल थे।
प्रदर्शन के दौरान फेडरेशन ने यह भी दोहराया कि ग्रामीण बैंक कर्मचारी देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन उन्हें वेतन, पदोन्नति और कार्यदशा में अन्य बैंकों की तुलना में बराबरी का हक नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा, बैंक के निजीकरण के प्रयासों को सिरे से खारिज किया गया।
हड़ताल पूरी तरह शांतिपूर्ण रही। कर्मचारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और सरकार से शीघ्र समाधान की मांग की। हड़ताल के कारण बैंकिंग कार्यों पर आंशिक असर पड़ा।
अंत में फेडरेशन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे लंबी अवधि की हड़ताल और दिल्ली मार्च जैसे बड़े आंदोलनों का रास्ता अपनाएंगे।


