
PMGAY चरण-4 के तहत 76 हजार करोड़ की लागत से बनेगी 45 हजार किमी सड़कें
पटना, 9 जुलाई।प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGAY) के चौथे चरण की शुरुआत के साथ ही बिहार में 45 हजार किलोमीटर ग्रामीण सड़कों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इस पर अनुमानित 76 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने यह जानकारी बुधवार को पटना में दी। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार द्वारा रिपोर्ट भेजते ही केंद्र सरकार फंड जारी कर देगी।
मंत्री पासवान ने मुख्य सचिवालय स्थित ग्रामीण विकास विभाग के सभागार में राज्य सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार और ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी के साथ बैठक की। इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि “जम्मू-कश्मीर पहला राज्य है जिसने चौथे चरण से जुड़ी रिपोर्ट सौंप दी है, बिहार को भी इसमें तत्परता दिखानी चाहिए।”
मनरेगा, आवास योजना और बकाया भुगतान पर भी हुई चर्चा
बैठक में राज्य सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने मनरेगा के तहत मजदूरी और सामग्री मद में बकाया राशि, तथा बेघर परिवारों के लिए आवास आवंटन की मांग प्रमुखता से रखी।
राज्य सरकार की मुख्य मांगें:
- मनरेगा मजदूरी बकाया: ₹200 करोड़
- सामग्री मद में बकाया: ₹2,007 करोड़
- बेघर परिवारों को आवास: 94 लाख परिवारों की पहचान, जिनमें 24 लाख अनुसूचित जनजाति समुदाय से
- मनरेगा के तहत 6,800 खेल मैदानों के निर्माण के लिए केंद्रीय सहायता
श्रवण कुमार ने कहा कि केंद्र को विशेष रूप से अति पिछड़ा, दलित और आदिवासी समुदायों के लिए आवास आवंटन प्रक्रिया को तेजी से पूरा करना चाहिए।
“बिहार की सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार होगा” — कमलेश पासवान
केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान ने भरोसा दिलाया कि बिहार की मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 वर्षों में 51 से अधिक बार बिहार का दौरा किया है। आज राज्य में सड़क, रेल और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें बिहार से होकर गुजर रही हैं।”
उपस्थित प्रमुख अधिकारी व नेता:
- अशोक चौधरी, ग्रामीण कार्य मंत्री
- लोकेश कुमार सिंह, सचिव, ग्रामीण विकास विभाग
- अन्य विभागीय अधिकारी
PMGAY के नए चरण से बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क, आर्थिक विकास और सामाजिक गतिशीलता को बढ़ावा मिलेगा। केंद्र और राज्य के समन्वय से योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन संभव होगा।


