आपदा में मवेशियों की क्षति पर सरकार देगी अनुदान

पशुपालकों को राहत देने के लिए पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की पहल

पटना, 9 जुलाईबाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदा के दौरान मवेशियों की मृत्यु या गुम हो जाने की स्थिति में अब पशुपालकों को घबराने की जरूरत नहीं है। राज्य सरकार ने ऐसे मामलों में आर्थिक सहायता देने के लिए चार श्रेणियों में अनुदान योजना लागू की है। यह योजना पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य आपदा के समय पशुपालकों को आर्थिक संकट से उबारना है।

चार श्रेणियों में मिलेगा अनुदान

विभाग के अनुसार, मवेशियों की मृत्यु या नुकसान की स्थिति में प्रति परिवार अधिकतम तीन श्रेणियों तक सहायता दी जाएगी:

1. दूध देने वाले और छोटे पशु:

  • गाय, भैंस (बड़े पशु): ₹37,500 प्रति इकाई (3 पशुओं तक)
  • बकरी, भेड़, सूअर (छोटे पशु): ₹4,000 प्रति इकाई (30 पशुओं तक)

2. भार वहन करने वाले पशु:

  • बैल, ऊंट, घोड़ा (बड़े पशु): ₹32,000 प्रति इकाई (3 पशुओं तक)
  • बछड़ा, खच्चर, गदहा, टट्टू (छोटे पशु): ₹20,000 प्रति इकाई (6 पशुओं तक)

3. पोल्ट्री:

  • ₹100 प्रति इकाई
  • अधिकतम ₹5,000 प्रति परिवार

4. अग्निकांड से पशु शेड का नुकसान:

  • ₹3,000 प्रति पशु शेड

कैसे करें आवेदन?

पशुपालकों को सहायता राशि प्राप्त करने के लिए स्थानीय पशु चिकित्सक से मृत पशु का प्रमाण-पत्र लेना होगा, जिसमें मृत्यु का कारण स्पष्ट रूप से दर्ज हो। आवेदन के साथ नीचे दी गई जानकारियां देना अनिवार्य है:

  • नाम, पता और मोबाइल नंबर
  • आधार संख्या
  • बैंक खाता विवरण
  • मृत पशु की विवरणी और मृत्यु का कारण

आवेदन कहां करें?


उद्देश्य: राहत के साथ पुनर्स्थापन की दिशा में कदम

यह योजना राज्य सरकार के उस प्रयास का हिस्सा है, जिसके तहत आपदा के समय न केवल मानवीय नुकसान की भरपाई की जाती है, बल्कि पशुधन जैसे आर्थिक संसाधनों की क्षति पर भी राहत दी जाती है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि समयबद्ध आवेदन और प्रमाण-पत्र जमा करने पर ही अनुदान की स्वीकृति दी जाएगी।


संपर्क व जानकारी के लिए:
https://state.bihar.gov.in/ahd


 

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