
पटना, 9 जुलाई – राजधानी पटना के चर्चित कारोबारी गोपाल खेमका हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि खेमका की हत्या एक सुनियोजित योजना के तहत की गई थी और इसके लिए चार लाख रुपये की सुपारी दी गई थी।
इस सनसनीखेज मामले की जांच कर रही पटना पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) और बिहार एसटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
उमेश यादव ने कबूला अपराध
जांच के दौरान घटनास्थल के पास एक संदिग्ध मोटरसाइकिल की पहचान की गई, जिसे बाद में मौके से बरामद किया गया। नंबर प्लेट के आधार पर पुलिस को पता चला कि यह बाइक उमेश कुमार यादव की है, जो घटनास्थल के समीप ही रहता था।
जब पुलिस उमेश यादव के घर पहुंची तो वहां से घटना के समय पहने गए कपड़े, जूते, हेलमेट और मास्क बरामद किए गए। पुलिस की सख्त पूछताछ के बाद उमेश यादव ने हत्या की साजिश में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
हथियार और कारतूस बरामद
उमेश यादव की निशानदेही पर पुलिस ने उसके घर के प्रथम तल से 9 एमएम पिस्टल, 56 राउंड जिंदा कारतूस, और दो मैगजीन बरामद किए हैं। इसके अलावा हत्या में प्रयुक्त अन्य सामानों की भी जब्ती की गई है।
आगे की कार्रवाई जारी
पटना पुलिस ने बताया है कि इस केस में और भी आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस इस बात की तह में जाने का प्रयास कर रही है कि हत्या की सुपारी किसने और क्यों दी।
बता दें कि 4 जुलाई को पटना के बांकीपुर क्लब के पास गोपाल खेमका की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने राज्य भर में सनसनी फैला दी थी और सरकार व प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।


