
मधेपुरा, 9 जुलाई – बिहार के मधेपुरा जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला के वोटर आईडी कार्ड पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तस्वीर छपी हुई है। यह मामला उस समय चर्चा में आया जब बुधवार को बिहार बंद के दौरान महिला का पति चंदन कुमार मीडिया के पास शिकायत लेकर पहुंचा।
चंदन कुमार ने अपनी पत्नी अभिलाषा कुमारी का वोटर आईडी कार्ड दिखाते हुए कहा, “नाम तो मेरी पत्नी का है, लेकिन तस्वीर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की छपी है। अब हम किसे पत्नी मानें – अभिलाषा को या मुख्यमंत्री को?”
BLO ने चुप रहने की दी सलाह
चंदन ने बताया कि यह पहचान पत्र करीब ढाई महीने पहले डाक से मिला था। लिफाफे पर नाम और पता बिल्कुल सही था, लेकिन अंदर कार्ड खोलने पर चौंक गए — उसमें उनकी पत्नी की जगह मुख्यमंत्री की फोटो लगी थी।
इस गड़बड़ी को लेकर जब चंदन ने संबंधित बीएलओ से संपर्क किया, तो बीएलओ ने यह कहते हुए बात को दबाने की सलाह दी कि “किसी को मत बताइए।”
चूक या साजिश?
चंदन कुमार का कहना है कि यह सिर्फ तकनीकी गलती नहीं, बल्कि गंभीर प्रशासनिक लापरवाही है। उन्होंने कहा, “साधारण गलतियों में किसी अनजान की फोटो लगती है, लेकिन मुख्यमंत्री जैसे व्यक्ति की तस्वीर आम महिला के पहचान पत्र पर छप जाना सवाल खड़ा करता है। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।”
उन्होंने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए और कहा कि आयोग सरकार के दबाव में काम कर रहा है। “यह सब बीजेपी की कठपुतली बन चुके चुनाव आयोग की देन है,” उन्होंने आरोप लगाया।
अधिकारी का बयान
इस पूरे मामले पर उप निर्वाचन पदाधिकारी जितेंद्र कुमार ने सफाई देते हुए कहा, “वोटर आईडी कार्ड कर्नाटक से बनकर आते हैं। अगर किसी भी कार्ड में गलती है तो फार्म-8 भरकर एसडीओ कार्यालय या ऑनलाइन माध्यम से सुधार कराया जा सकता है।”
यह मामला एक बार फिर से मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण और पहचान पत्र निर्माण प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है।


