श्रम शक्ति को सशक्त बनाने के 11 वर्ष: रोजगार और सामाजिक सुरक्षा में ऐतिहासिक प्रगति

नई दिल्ली | 19 जून 2025:जैसे-जैसे भारत 2047 में स्वतंत्रता की शताब्दी की ओर बढ़ रहा है, देश की विकास यात्रा में श्रम शक्ति को सशक्त बनाना केंद्र में रहा है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार और युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने बीते 11 वर्षों की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रोजगार सृजन और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव हुए हैं।

🔹 रोजगार में ऐतिहासिक उछाल

2014 से 2024 के बीच भारत में 17 करोड़ से अधिक नौकरियां सृजित हुईं, जो कि 2004-2014 के दशक की तुलना में छह गुना से भी अधिक है।
नियोजन दर 2017-18 के 46.8% से बढ़कर 2023-24 में 58.2% हो गई, वहीं बेरोजगारी दर 6% से घटकर 3.2% पर आ गई है।

🔹 महिला और युवा शक्ति का उत्थान

महिला रोजगार दर में प्रभावशाली 83% की वृद्धि देखी गई है – 2017-18 के 22% से बढ़कर 2023-24 में 40.3% तक।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिला रोजगार में 96% और शहरी क्षेत्रों में 43% की वृद्धि हुई है।
युवा रोजगार दर भी बढ़कर 41.7% हो गई है, जबकि बेरोजगारी दर घटकर 10.2% हो गई है – यह वैश्विक औसत से भी कम है।

🔹 राष्ट्रीय करियर सेवा पोर्टल की सफलता

2015 में शुरू हुआ राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS) पोर्टल अब तक 5.5 करोड़ नौकरी चाहने वालों को 46 लाख से अधिक नियोक्ताओं से जोड़ चुका है। इससे 5 करोड़ से अधिक रोजगार रिक्तियां उत्पन्न हुई हैं।

🔹 असंगठित कार्यबल को मिला पहचान और सुरक्षा

ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से अब तक 30.8 करोड़ असंगठित श्रमिक पंजीकृत हो चुके हैं, जिनमें गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स भी शामिल हैं।
यह प्लेटफॉर्म 13 से अधिक केंद्र सरकार की योजनाओं से एकीकृत है, जो श्रमिकों को बहुभाषी और सुलभ सहायता प्रदान करता है।

🔹 ईपीएफओ और ईएसआईसी में संरचनात्मक सुधार

  • ईपीएफओ सदस्य अब बढ़कर 34.63 करोड़ हो गए हैं (2013-14 में 11.78 करोड़)।
  • पंजीकृत प्रतिष्ठानों की संख्या 7.96 लाख से बढ़कर 27.05 लाख हो गई है।
  • ईएसआईसी का विस्तार 393 जिलों से बढ़ाकर 700 जिलों तक कर दिया गया है।
  • बीमित कर्मचारी अब 4.09 करोड़ और लाभार्थी 15.87 करोड़ हो गए हैं।

🔹 सामाजिक सुरक्षा कवरेज में तीन गुना बढ़ोतरी

भारत का सामाजिक सुरक्षा कवरेज वर्ष 2015 में 19% था, जो 2025 में 64.3% हो गया है। अब 94 करोड़ से अधिक कामगार कम-से-कम एक सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत आते हैं।


नवभारत की दिशा में सशक्त कदम

डॉ. मांडविया ने कहा, “प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को चरितार्थ करते हुए भारत ने श्रमिकों को देश की नीति और विकास के केंद्र में रखा है। डिजिटल बुनियादी ढांचे, पारदर्शी प्रक्रियाओं और संस्थागत सुधारों से भारत दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे कुशल कार्यबल बनने की दिशा में अग्रसर है।”


 

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