
पटना। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पटना के ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. सुनील कुमार ने सभी से अपील की कि पर्यावरण संरक्षण के लिए प्लास्टिक को अपने जीवन से दूर करें। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए सतत प्रयास कर रही है। फिलहाल बिहार में 12.55% वन क्षेत्र और 15.05% हरित आवरण है, जिसे 2028 तक 17% तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है।
प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ मुहिम
कार्यक्रम का आयोजन बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर किया गया। इस वर्ष थीम ‘बीट प्लास्टिक पॉल्यूशन’ रखा गया। मंत्री ने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण के खतरे से बचाव और पर्यावरण के संरक्षण के लिए प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया कि हरियाली मिशन, मुख्यमंत्री पौधशाला योजना, जीविका दीदियों द्वारा नर्सरी और वानिकी किसान योजना के माध्यम से राज्य में हरियाली बढ़ाने का व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही तालाबों का संरक्षण और जलस्तर बढ़ाने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं।
सभी को करना होगा साझा प्रयास
कार्यक्रम में विभाग की अपर मुख्य सचिव हरजोत कौर बम्हरा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है। प्लास्टिक पर निर्भरता घटाने की जरूरत है क्योंकि आज रोजमर्रा की लगभग 99% चीजें प्लास्टिक से बनी हैं। उन्होंने कोरोना काल का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रकृति को सबसे ज्यादा नुकसान इंसान ही पहुंचा रहा है।
पर्यावरण हितैषियों को किया गया सम्मानित
इस अवसर पर मुंगेर के वासुदेवपुर स्थित आईटीसी लिमिटेड को ‘औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण सम्मान’ से नवाजा गया। साथ ही संतोष कुमार सुमन (जमुई), अतुल गुंजन, मनोज कुमार (पश्चिम चंपारण) और शिवबंधु दूबे (सिमरी, बक्सर) को ‘पर्यावरण हितैषी सम्मान’ दिया गया।
प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार
कार्यक्रम में आयोजित क्विज प्रतियोगिता में संत कैरेंस हाई स्कूल, गोला रोड पटना के अंबर सिन्हा और ईशान भूषण ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। डॉन बॉस्को एकेडमी पटना के अर्णव प्रकाश और मानस वैभव को द्वितीय पुरस्कार मिला। इसके अलावा निबंध लेखन और चित्रकारी प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया।


