
पटना। मानसून में राजधानी पटना के जल-जमाव की पुरानी समस्या को खत्म करने के लिए आधुनिक तकनीक और स्मार्ट प्रबंधन व्यवस्था लागू कर दी गई है। पटना स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर के कुल नौ ड्रेनेज पंपिंग स्टेशनों (डीएसपी) को गांधी मैदान स्थित इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (आईसीसीसी) से जोड़ दिया गया है।
24 घंटे जलस्तर की निगरानी, मोबाइल अलर्ट सिस्टम
इन पंपिंग स्टेशनों में वाटर लेवल सेंसर, तापमान और वाइब्रेशन सेंसर लगाए गए हैं। अब रियल टाइम जलस्तर की निगरानी हो रही है। जलस्तर निर्धारित सीमा से ऊपर जाने या पंप फेल होने की स्थिति में तत्काल कंट्रोल रूम और संबंधित तकनीकी टीम को मोबाइल अलर्ट भेजा जाएगा।
इसके अलावा पंपों के संचालन की प्रक्रिया भी स्वचालित कर दी गई है, ताकि जलस्तर को काबू में रखते हुए जल-जमाव से निपटा जा सके।
7.80 करोड़ रुपये की लागत से हुआ काम
राजधानी के ड्रेनेज पंपिंग स्टेशनों के आधुनिकीकरण पर 7 करोड़ 80 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। यह परियोजना मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना और पटना स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत संचालित की गई है।
ड्रेनेज स्टेशनों पर लगे कैमरे और स्क्रीन सिस्टम
संप और स्क्रीन के ऊपर कैमरे लगाए गए हैं, जिससे जल-जमाव वाली स्थिति का आईसीसीसी से सीधा लाइव मॉनिटरिंग किया जा रहा है। यह कंट्रोल रूम तीनों पालियों में 24X7 काम कर रहा है।
इन पंपिंग स्टेशनों पर काम कर रही अत्याधुनिक प्रणाली
- सैदपुर पंपिंग स्टेशन
- योगीपूर पंपिंग स्टेशन
- योगीपुर एनबीसीसी स्टेशन
- ईको पार्क-1 पंपिंग स्टेशन
- ईको पार्क-2 पंपिंग स्टेशन
- ईको पार्क-3 पंपिंग स्टेशन
- पहाड़ी न्यू पंपिंग स्टेशन
- पहाड़ी ओल्ड पंपिंग स्टेशन
- पहाड़ी एनबीसीसी पंपिंग स्टेशन
शहर को जल-जमाव मुक्त बनाने की बड़ी पहल
नगर निगम और स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अधिकारियों के मुताबिक, इस तकनीकी प्रबंधन से पटना शहर को जल-जमाव से स्थायी राहत मिलेगी। आने वाले दिनों में इस प्रणाली को और भी उन्नत किया जाएगा, ताकि बारिश के मौसम में लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।


