
भागलपुर, 23 मई 2025 – मायागंज स्थित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (JLNMCH) में इलाज करा रहे सैकड़ों मरीजों के लिए राहत की खबर है। अस्पताल के फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन (PMR) विभाग में जल्द ही 15 बेड का इंडोर फिजियोथेरेपी वार्ड शुरू किया जाएगा। इससे गंभीर और सर्जरी के बाद फिजियोथेरेपी कराने वाले मरीजों को रोजाना अस्पताल आने की मजबूरी नहीं रहेगी।
मरीजों की पीड़ा, अब बनेगी राहत की वजह
जमुई के 13 वर्षीय क्लब फुट पीड़ित बच्चे से लेकर सन्हौला के 35 वर्षीय रोहित कुमार तक, कई मरीजों को सर्जरी के बाद रोजाना फिजियोथेरेपी के लिए घंटों सफर करना पड़ता है। ये तो कुछ उदाहरण हैं, PMR विभाग में रोजाना 12 से अधिक ऐसे मरीज पहुंचते हैं, जिन्हें लंबी दूरी तय कर आना पड़ता है।
हर बुधवार को विभाग में 90-100 बच्चों की जन्मजात टेढ़े पैर (CTEV) की सर्जरी की जाती है, जिसके बाद नियमित फिजियोथेरेपी आवश्यक होती है। लेकिन अब भर्ती वार्ड के शुरू होने से मरीजों को यहीं ठहरकर इलाज की सुविधा मिलेगी।
बिल्डिंग तैयार, वार्ड निर्माण की प्रक्रिया शुरू
अस्पताल अधीक्षक डॉ. अविलेश कुमार ने जानकारी दी कि,
“PMR विभाग के पीछे स्थित एक बिल्डिंग में 15 बेड के इंडोर वार्ड के लिए स्थान चिन्हित कर लिया गया है। आवश्यक संसाधन जुटाकर जल्द ही निर्माण शुरू होगा।”
JLNMCH प्राचार्य डॉ. हेमशंकर शर्मा ने कहा कि,
“PMR विभाग को कम से कम 30 बेड की जरूरत है, लेकिन स्थान की कमी के कारण पहले चरण में 15 बेड से शुरुआत की जाएगी।”
स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मील का पत्थर
इस फैसले से पूर्वी बिहार और झारखंड के सीमावर्ती जिलों से आने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। लंबे समय से PMR विभाग में भर्ती सुविधा की मांग की जा रही थी, जो अब साकार होने की दिशा में है।


