संवाद में मुखर हुई महिलाओं की आवाज, सशक्तिकरण की दिशा में बिहार ने बढ़ाया एक और कदम

भागलपुर, 6 मई 2025:बिहार में महिला सशक्तिकरण अब एक जनआंदोलन बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर चलाए जा रहे महिला संवाद कार्यक्रमों में आज महिलाओं की आवाज पहले से कहीं ज्यादा मुखर सुनाई दी। भागलपुर जिले के 30 ग्राम संगठनों में महिला संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें सवा लाख से अधिक महिलाएं अब तक अपनी भागीदारी दर्ज कर चुकी हैं।

सरकारी योजनाओं से बदला महिलाओं का जीवन

महिलाओं ने बताया कि कैसे मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, सतत जीविकोपार्जन योजना, और स्वरोजगार से जुड़ी पहलों ने उनके जीवन में आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास भरा है।
आरक्षण नीति का लाभ उठाकर कई महिलाएं आज पंचायत प्रतिनिधि बनी हैं, तो कोई शिक्षिका, पुलिसकर्मी या उद्यमी के रूप में समाज में नई पहचान बना चुकी हैं।

“सरकार की नीतियों से हमारी आवाज को ताकत मिली” – निर्मला देवी

भवानीपुर पंचायत में आयोजित संवाद में निर्मला देवी ने कहा, “अब हम बिना हिचक अपनी मांगें सरकार के सामने रख पा रहे हैं। जीवन बदला है, सोच बदली है।”
अन्य महिलाओं ने भी साझा किया कि कैसे इन योजनाओं ने उन्हें नई दिशा और उद्देश्य दिया।

स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वरोजगार बने केंद्र बिंदु

महिला संवाद कार्यक्रमों में महिलाओं ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, शिक्षा की पहुंच और स्थानीय स्तर पर रोजगार के मुद्दों को खुलकर रखा।
उन्होंने मांग की कि स्थानीय हाट-बाजार का विकास हो, जिससे घरेलू उत्पादों की बिक्री में उन्हें मदद मिल सके।


महिला संवाद कार्यक्रम अब केवल योजना की जानकारी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण और नीति निर्माण में हिस्सेदारी का मंच बन गया है। बिहार की महिलाएं अब सिर्फ लाभार्थी नहीं, बदलाव की वाहक बन रही हैं।


 

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