पहलगाम हमले में शहीद लेफ्टिनेंट विनय नरवाल को अंतिम विदाई, मां और बहन ने दिया कंधा – पूरे करनाल ने नम आंखों से कहा विदा

करनाल | 23 अप्रैल 2025

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए लेफ्टिनेंट विनय नरवाल को बुधवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। करनाल के मॉडल टाउन स्थित श्मशान घाट में जब उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा पहुंचा, तो जनसैलाब उमड़ पड़ा। ‘विनय नरवाल अमर रहें’ और ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ के नारों से आसमान गूंज उठा।

बहन ने दी मुखाग्नि, मां-बेटी ने दिया कंधा

शहीद लेफ्टिनेंट की चिता को उनकी बहन ने मुखाग्नि दी, जबकि उनकी मां और बहन ने उन्हें कांधा भी दिया – एक ऐसा क्षण जिसने हर आंख को नम कर दिया। उनके अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोग उमड़े, जिन्होंने फूल बरसाकर अपने नायक को श्रद्धांजलि दी। भारतीय नेवी के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया।

शादी के 6 दिन बाद हनीमून पर गए थे, 7वें दिन शहीद हो गए

विनय नरवाल की शहादत की कहानी उतनी ही मार्मिक है। 16 अप्रैल को मसूरी में उन्होंने गुरुग्राम की हिमांशी नरवाल से डेस्टिनेशन वेडिंग की थी। 19 अप्रैल को रिसेप्शन हुआ और 21 अप्रैल को वे हनीमून के लिए पहलगाम पहुंचे। लेकिन 22 अप्रैल की सुबह आतंकियों की गोलियों ने उनके जीवन की डोर तोड़ दी।
1 मई को उनका 26वां जन्मदिन था, जिसे लेकर परिवार में विशेष तैयारी चल रही थी। लेकिन अब उस दिन घर में शोक होगा।

मुख्यमंत्री नायब सैनी पहुंचे, राज्य सरकार ने दिया समर्थन का भरोसा

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने करनाल पहुंचकर शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की। उन्होंने अपना जींद का कार्यक्रम रद्द कर शहीद के घर आकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है।

तीन साल पहले सेना में भर्ती हुए थे विनय

शहीद विनय नरवाल ने करनाल के संत कबीर स्कूल से पढ़ाई की थी। वे सीडीएस की परीक्षा पास कर सेना में गए थे और तीन साल पहले एसएसबी के माध्यम से भारतीय नौसेना में चयनित हुए थे। ड्यूटी पर लौटने से पहले वे छुट्टियों पर थे और 3 मई को हिमांशी के साथ कोच्चि लौटने वाले थे।


लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की शहादत देश के हर नागरिक के दिल को छू गई है। उन्होंने शादी के कुछ ही दिनों बाद देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।


 

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