
पटना, बिहार – बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही अटकलों के बीच कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि महागठबंधन का मुख्यमंत्री पद का चेहरा किसी तात्कालिक निर्णय का परिणाम नहीं होगा, बल्कि यह एक सुव्यवस्थित प्रक्रिया है, जो तय समय पर पूरी की जाएगी।
शकील अहमद खान ने कहा, “मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई हड़बड़ी नहीं है। यह एक राजनीतिक प्रक्रिया है, जिसे सभी घटक दलों की सहमति के साथ तय किया जाएगा।” उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि वे खुद मुख्यमंत्री पद के दावेदार नहीं हैं।
23 अप्रैल को होगी महागठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक
शकील अहमद ने जानकारी दी कि 24 अप्रैल को प्रस्तावित महागठबंधन की बैठक से एक दिन पहले, यानी 23 अप्रैल को पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के आवास पर एक अहम बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में महागठबंधन के प्रमुख नेता शामिल होंगे और कई बड़े फैसले लिए जाने की संभावना है। यह बैठक मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भाजपा पर तीखा हमला, नीतीश को लेकर भी दी प्रतिक्रिया
शकील अहमद ने भारतीय जनता पार्टी पर सीधा हमला करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लगातार परेशान कर रही है। उन्होंने कहा, “बीजेपी ने नीतीश कुमार को परेशान करने की कसम खा रखी है। हमारी सहानुभूति नीतीश जी के साथ हो सकती है, लेकिन जनता के हित में हमें सड़कों पर उतरना होगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि महागठबंधन पूरी तरह एकजुट है और जनता के बीच जाकर मौजूदा भाजपा-जदयू सरकार के खिलाफ अभियान चलाएगा। शकील अहमद के बयान से साफ हो गया है कि विपक्ष की रणनीति अब पहले से कहीं ज्यादा आक्रामक होने वाली है।
क्या 23 अप्रैल को तय होगा महागठबंधन का सीएम चेहरा?
23 अप्रैल को होने वाली बैठक को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि क्या इस दिन महागठबंधन के मुख्यमंत्री चेहरे का औपचारिक ऐलान हो सकता है। हालांकि अभी तक किसी नेता ने इस पर खुलकर कुछ नहीं कहा है, लेकिन संकेत यही मिल रहे हैं कि यह बैठक काफी निर्णायक हो सकती है।


