RCP सिंह के आरोपों पर लोजपा (रामविलास) का पलटवार, दिया करारा जवाब, पूर्व केन्द्रीय मंत्री से मांगा हिसाब

चुनावी साल में बिहार की सियासी फिजां बदल गयी है। जी हां, पक्ष और विपक्ष की तरफ से आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी हो गया है। इस बीच लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के पूर्व विधायक और बिहार प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री आरसीपी सिंह को पत्र लिखा और सिलसिलेवार तरीके से आरसीपी सिंह द्वारा चिराग पासवान पर लगाए गये आरोप का तगड़ा जवाब दिया है।

लोजपा (रामविलास) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने आरसीपी सिंह को लिखा है कि आदरणीय आरसीपी सिंह जी, आशा करता हूं कि आप स्वस्थ होंगे। विगत दिनों आपके द्वारा एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मेरे नेता और राष्ट्रीय अध्यक्ष सह भारत सरकार में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान जी पर आरोप लगाया गया है कि विगत 8 महीने में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा बिहार में कोई भी कार्य नहीं हुआ है।

RCP सिंह के आरोपों पर लोजपा (रामविलास) का पलटवार, दिया करारा जवाब, पूर्व केन्द्रीय मंत्री से मांगा हिसाब

आप मुझसे उम्र में काफी बड़े है, राजनीतिक अनुभव भी मुझसे ज्यादा है लेकिन फिर भी मुझे लगता है कि अभी भी जानकारी का अभाव है या फिर द्वेष भावना से दिया गया बयान है। मैं कुछ जानकारियां इस पत्र के माध्यम से आपको देना बताना चाहता हूं कि विगत कुछ माह पूर्व बिहार के होटल ताज में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा “बिहार बिजनेस इन्वेस्टर समिट आयोजित किया गया था, जिसमें लगभग 2181 करोड़ रुपये की लागत से कई कंपनियां बिहार में निवेश करने जा रही हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर लगभग 4000 लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

इतना ही नहीं, केंद्रीय बजट 2025 में यह घोषणा की गई है कि देश का तीसरा NIFTEM बिहार में खुलने जा रहा है, जो खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की एक बड़ी उपलब्धि है। अब तक देश में मात्र दो ही NIFTEM (National Institute of Food Technology Entrepreneurship and Management) है। पहला हरियाणा के कुंडली में और दूसरा तंजावुर में।

यह भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के तहत एक प्रमुख संस्थान है, जो खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और प्रबंधन के क्षेत्र में शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण प्रदान करता है। निफ्टेम के छात्रों को खाद्य उद्योग, एफएमसीजी कंपनियों, अनुसंधान संस्थानों, और सरकारी संगठनों में नौकरी के अच्छे अवसर मिलते हैं। NIFTEM खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक ज्ञान और संसाधन प्रदान करता है और अब मुझे खुशी है कि देश का तीसरा NIFTEM हमारे बिहार प्रदेश में खुलने जा रहा है। इससे बिहार के युवाओं को हुनर, उद्यमिता और रोजगार प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा हमारे नेता के अथक प्रयास से बिहार में भी मखाना बोर्ड का भी गठन किया जा रहा है।

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बिहार का मखाना वैश्विक स्तर पर अपनी नई पहचान बनाएगा और बिहार को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करेगा। ये महज 8 महीने की उपलब्धियां है, अभी एक लंबा पड़ाव बाकी है। गत माह जब देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान जी को भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए World Economic Forum में हिस्सा लेने स्विट्जरलैंड के दावोस भेजा गया था, जहां उन्होंने विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय कम्पनियों से मुलाकात की। जिसके फलस्वरूप विभिन्न कंपनियों ने भारत में निवेश करने की रुचि दिखाई और अब लगभग 250 मिलियन डॉलर (लगभग 2179 करोड़ रुपये) का निवेश भारत के विभिन्न राज्यों में होगा।

केंद्रीय मंत्री होने के नाते हमारे नेता की जिम्मेदारी देशभर की है, ऐसे में पूरे भारत में लाखों लोगों को रोजगार भी मिलेगा। मैं एक और जानकारी आपसे साझा करना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना के तहत मुजफ्फरपुर में एक मेगा फूड पार्क की स्थापना की जा रही है, जो बिहार में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को नई गति देने वाला एक बड़ा कदम है। इस परियोजना के तहत अगस्त 2024 तक BIADA को ₹12.25 करोड़ की राशि जारी की जा चुकी है। यह मेगा फूड पार्क बिहार के किसानों, उद्यमियों और उद्योग जगत के लिए नए अवसर सृजित करेगा, जिससे राज्य में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को मजबूती मिलेगी।

RCP सिंह के आरोपों पर लोजपा (रामविलास) का पलटवार, दिया करारा जवाब, पूर्व केन्द्रीय मंत्री से मांगा हिसाब

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) के अंतर्गत बिहार के लिए प्रारंभ में 11,000 इकाइयों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसे राज्य की जरूरतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने बढ़ाया। अब तक 21,298 क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं, जो प्रारंभिक लक्ष्य का 193.62% है. और 13,581 ऋण वितरित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, जून 2024 से अब तक, बिहार के 7,553 लाभार्थियों के लिए 2473.18 करोड का ऋण स्वीकृत हुआ है, जिनमें से 5,139 को ₹319.83 करोड़ वितरित भी किए जा चुके हैं। इसी अवधि में क्रेडिट लिंक सब्सिडी स्वीकृत होने से बिहार में कुल ₹539.00 करोड़ का पूंजीगत निवेश होगा, जो राज्य में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

इसी योजना के अंतर्गत जून 2024 से अब तक बिहार में महिला सशक्तिकरण और छोटे उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए 5.027 स्वयं सहायता समूह (SHG) के सदस्यों को 217.86 करोड़ की बीज पूंजी (सीड कैपिटल) प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त इसी अवधि में बिहार के सभी 38 जिलों में उद्यमियों को सुविधा प्रदान करने के लिए 1,118 डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन्स (DRPs) की नियुक्ति की गई।

महोदय, जहां तक मेरी जानकारी है कि स्वयं आप भी केंद्र में इस्पात मंत्री थे। मेरे और समस्त बिहार की जनता के मन में एक सवाल कौंध रहा है कि आपके कार्यकाल में बिहार को क्या मिला? मैं चाहता हूं कि इसकी भी जानकारी सार्वजनिक तौर पर साझा की जाए ताकि आपके द्वारा लागू की गई व्यवस्था को हमलोग आगे लेकर जाएं और बिहारवासियों को इसका लाभ मिले सके।

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