सरकारी स्कूल के शिक्षकों को मिला बड़ा हथियार, अगर आप असहमत हैं तो सिर्फ करें यह काम…

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने सरकारी स्कूल के शिक्षकों को बड़ा अधिकार दिया है. साथ ही प्रधानाध्यापक/प्रधान शिक्षकों की मनमानी रोकने, एमडीएम के नाम पर लूट-खसोट बंद करने को लेकर नई व्यवस्था लागू की है. शिक्षा विभाग ने गुणवत्ता पूर्ण एमडीएम संचालन को लेकर शिक्षकों को ऐसा हथियार दिया है, जिससे प्रधान शिक्षकों की मनमानी रूकेगी. शिक्षकों को लगता है कि बच्चों की फर्जी उपस्थिति दिखाकर एमडीएम में खेल किया जा रहा है तो आप प्रमाण-पत्र में इस बात का उल्लेख कर, अपना हस्ताक्षर करें. इस संबंध में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ एस. सिद्धार्थ ने 5 फरवरी को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया है कि विद्यालय में संचालित मध्यान भोजन को लेकर प्रधानाध्यापक एवं शिक्षक हर दिन प्रमाण पत्र देंगे.मकसद एमडीएम की गुणवत्ता बढ़ाना और विद्यालयों में फर्जी उपस्थिति को रोकना है.

फर्जी उपस्थिति रोकने-गुणवत्ता ठीक करने की कोशिश 

जिला शिक्षा पदाधिकारी को लिखे पत्र में शिक्षा विभाग के एसीएस ने कहा है कि विद्यालयों में संचालित मध्यान भोजन योजना (कक्षा 1 से 8) में फर्जी उपस्थिति रोकने तथा भोजन की गुणवत्ता को सुनिश्चित करना है. इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए बच्चों के बीच मध्याह्न भोजन परोसने के बाद एक प्रपत्र में हर दिन रिपोर्ट तैयार किया जाएगा. उस प्रतिवेदन प्रमाण पत्र पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक या प्रधान शिक्षक के साथ-साथ सभी शिक्षकों का हस्ताक्षर रहेगा. यह प्रपत्र विपत्र के साथ संलग्न कर सुरक्षित रखा जाएगा.

शिक्षक अगर एमडीएम की गुणवत्ता से असहमत हैं तो कारण भी दर्ज करें 

स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा संचालित मध्यान भोजन को लेकर संबंधित विद्यालय से पूरे माह का प्रमाण पत्र प्राप्त किया जायेगा. इसके बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (MDM) संबंधित स्वयं सेवी संस्थाओं को भुगतान करेंगे. उक्त प्रमाण पत्र की प्रति सभी विद्यालयों में तिथि वार संरक्षित रखी जाएगी. यदि किसी दिन संचालित मध्यान भोजन की गुणवत्ता या बच्चों की संख्या से कोई शिक्षक असहमत हैं तो अपनी असहमति का कारण भी उक्त प्रमाण पत्र पर अंकित करेंगे.उसमें सभी उपस्थित शिक्षकों का हस्ताक्षर अनिवार्य है. यदि कोई शिक्षक हस्ताक्षर नहीं करते हैं तो उन्हें अनुपस्थित माना जाएगा . अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि मध्यान भोजन से संबंधित प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से तैयार करें, ताकि बच्चों को इस योजना का लाभ मिल सके. इस प्रमाण पत्र के बिना मध्यान भोजन योजना का कोई भी भुगतान नहीं होगा.

  • Related Posts

    मुजफ्फरपुर में होलिका दहन पर तीन नाबालिग लापता, गांव में मातम

    Share Add as a preferred…

    Continue reading
    बिहार में राज्यसभा की पांचवीं सीट पर सियासी शतरंज: पवन सिंह के अरमान अधूरे, कुशवाहा को मिली बढ़त

    Share Add as a preferred…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *