बिहार में लगेगें 5 करोड़ पौधे: वृक्षारोपण अभियान 2025 की तैयारी शुरू

पटना, 29 मई 2025 —बिहार सरकार ने वृक्षारोपण अभियान 2025 के तहत इस वर्ष 5 करोड़ पौधे लगाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। यह पहल हरित क्षेत्र को बढ़ावा देने, जलवायु परिवर्तन से निपटने और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए उठाया गया एक ठोस कदम है।

इस अभियान की शुरुआत 5 जून, विश्व पर्यावरण दिवस से की जाएगी, जिसकी तैयारी को लेकर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग पूरी तरह सक्रिय है।


🌱 66 प्रजातियों के पौधे लगेंगे

राज्यभर में इस विशेष अभियान के तहत कुल 66 किस्मों के पौधे लगाए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:
काला शीशम, कनक चंपा, कटहल, खैर, क्रंज, महुआ, सागवान, साल, नीम, पीपल, पाकड़, मौलश्री, शरीफा, महोगनी, सहजन, सेमल, शहतूत आदि।

पौधों की आपूर्ति 268 अधिकृत पौधशालाओं से की जाएगी, जिनमें विभागीय, जीविका दीदी, किसान पौधशालाएं और अन्य स्रोत शामिल हैं।


🌍 प्रमुख जिलेवार पौधरोपण लक्ष्य

जिलापौधे (लाख में)जिलापौधे (लाख में)
गया22.11पूर्वी चंपारण20.17
रोहतास17.06तिरहुत19.84
मधुबनी19.38समस्तीपुर16.86
जमुई16.37बेतिया16.16
औरंगाबाद15.50दरभंगा15.77
मुंगेर15.69वैशाली15.15
सीवान14.02पटना13.89
नवादा12.93पूर्णिया12.81
सुपौल12.79गोपालगंज12.27
अररिया13.87नालंदा11.31
VTR क्षेत्र2.5+बांका20.57

👉 भागलपुर क्षेत्र में सबसे अधिक – 1.30 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।


डीएम को सौंपी गई अहम जिम्मेदारी

अपर मुख्य सचिव हरजोत कौर बम्हरा ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि:

  • 15 जून तक हर जिले की विस्तृत वृक्षारोपण कार्य योजना तैयार कर ली जाए।
  • यह सुनिश्चित किया जाए कि कितने पौधे कहां लगाए जाएंगे और वे कौन सी पौधशाला से उपलब्ध होंगे
  • केवल 3 फीट से अधिक ऊंचाई वाले पौधे ही रोपे जाएं।
  • पौधशाला और रोपण स्थलों की टैगिंग अनिवार्य होगी।
  • सभी संबंधित विभागों और संगठनों के साथ समन्वय बैठकें नियमित हों।

सामुदायिक भागीदारी होगी अहम

इस अभियान में सरकार के साथ-साथ जीविका दीदी, किसान, गैर-सरकारी संगठन (NGO), अर्धसैनिक बल और विद्यालयों के छात्र-छात्राएं भी भाग लेंगे। इस तरह यह अभियान एक जन आंदोलन का रूप लेगा, जिसमें समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी होगी।


🌿 बिहार में हरियाली लाने का संकल्प

बिहार सरकार का उद्देश्य हरित आवरण क्षेत्र को बढ़ाकर राज्य को जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, और पारिस्थितिक असंतुलन से लड़ने में सक्षम बनाना है। 5 करोड़ पौधे लगाकर राज्य आने वाले वर्षों में पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना अधिक मजबूती से कर सकेगा।

“वृक्षारोपण सिर्फ पर्यावरणीय दायित्व नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है।”
— हरजोत कौर बम्हरा, अपर मुख्य सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग


 

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