खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):
- हलफनामा: राज्यसभा नामांकन के दौरान नीतीश कुमार ने सार्वजनिक की अपनी कुल संपत्ति।
- साधारण जीवन: 21 साल मुख्यमंत्री रहने के बाद भी पास में सिर्फ ₹20,552 नकद।
- इन्वेस्टमेंट: बिहार में न घर है न जमीन, दिल्ली के द्वारका में है एक फ्लैट।
- शौक: आज भी 11 साल पुरानी कार से चलते हैं सीएम; पशुधन में एक गाय और बछड़ा।
पटना: बिहार की सियासत में करीब दो दशकों तक ‘पावर सेंटर’ रहे नीतीश कुमार अब दिल्ली की ओर कूच कर रहे हैं। राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करते समय उन्होंने जो हलफनामा (Affidavit) दिया है, वह उनकी ‘मिस्टर क्लीन’ की छवि को और पुख्ता करता है। करोड़ों के बजट वाले राज्य के मुख्यमंत्री की निजी संपत्ति जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। नीतीश कुमार के पास अपनी कोई जमीन नहीं है और बैंक बैलेंस के नाम पर भी बहुत मामूली रकम है।
चल संपत्ति: पुरानी कार और एक ‘गाय-बछड़ा’
मुख्यमंत्री की कुल चल संपत्ति ₹17.91 लाख आंकी गई है। इसमें सबसे दिलचस्प उनके पास मौजूद नकदी और कार है।
- नकद (Cash): मात्र ₹20,552।
- पुरानी कार: उनके पास साल 2015 में खरीदी गई फोर्ड इकोस्पोर्ट्स (Ford EcoSport) कार है। 11 साल पुरानी होने के बावजूद उन्होंने इसे बदला नहीं है।
- गहने: ₹2.37 लाख मूल्य की मात्र दो अंगूठियां (एक सोना और एक चांदी)।
- पशुधन: खेती और सादगी से जुड़ाव का प्रमाण है उनके पास मौजूद एक गाय और एक बछड़ा।
अचल संपत्ति: दिल्ली में ‘द्वारका’ वाला फ्लैट
हैरानी की बात यह है कि जिस बिहार पर उन्होंने दो दशक राज किया, वहां उनके नाम पर न तो कोई घर है और न ही एक इंच कृषि भूमि। उनकी इकलौती अचल संपत्ति दिल्ली में है।
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संपत्ति का प्रकार |
विवरण |
कीमत (वर्तमान) |
|---|---|---|
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दिल्ली (द्वारका) फ्लैट |
1,000 स्क्वायर फीट (खरीद- 2004) |
₹1.48 करोड़ |
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बिहार में संपत्ति |
शून्य (Nil) |
₹0 |
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कुल अचल संपत्ति |
— |
₹1.48 करोड़ |
नेट वर्थ: ₹1.66 करोड़ के मालिक हैं सीएम
नीतीश कुमार की कुल संपत्ति (चल + अचल) को मिला दें तो यह लगभग ₹1.66 करोड़ बैठती है। यह राशि किसी भी बड़े नेता की तुलना में काफी कम मानी जा सकती है।
खास बात: > * आय: वित्तीय वर्ष 2024-25 में उनकी कुल आय मात्र ₹7.87 लाख रही।
- कर्ज: उन पर किसी भी बैंक या व्यक्ति का कोई पैसा बकाया (Liability) नहीं है।
- दाग: हलफनामे के अनुसार, उन पर कोई भी आपराधिक मामला लंबित नहीं है।
VOB का नजरिया: सादगी का ‘नितीश मॉडल’
बिहार जैसे राज्य में जहाँ राजनीति और बाहुबल अक्सर एक-दूसरे के पूरक होते हैं, वहां एक मुख्यमंत्री का 21 साल बाद भी बिना किसी ‘बिहार प्रॉपर्टी’ के होना बड़ी बात है। द्वारका का जो फ्लैट आज 1.48 करोड़ का है, वह उन्होंने 2004 में महज 13.78 लाख में लिया था—यानी उनकी संपत्ति में जो भी बढ़ोत्तरी हुई है, वह मुख्य रूप से रियल एस्टेट की कीमतों में आए उछाल के कारण है। यह हलफनामा उनके समर्थकों के लिए ‘सुशासन’ के दावों को मजबूत करने वाला है।


