‘शिक्षकों की जान लेने पर क्यों तुले हैं’ केके पाठक के फैसले पर तेजस्वी ने कहा- ‘खुद AC में आराम फरमा रहे सीएम’

बिहार में हीट वेव के कारण सरकारी और गैर सरकारी स्कूल को बंद कर दिया गया है. हालांकि शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को स्कूल आने का निर्देश दिया है. इसको लेकर तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार के साथ साथ सीएम नीतीश कुमार, उनके मंत्री और अधिकारी की कार्यशैली पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि AC कमरे में आराम फरमाने वाले सीएम और उनके मंत्रिमंडल के लोग शिक्षकों की जान लेने पर तुले हैं।

सरकार के फैसले का विरोधः बिहार में हीट वेव से करीब 77 लोगों की मौत हो गई है. सरकारी और गैर सरकारी स्कूल बंद लेकिन शिक्षकों को इस गर्मी में स्कूल जाना पड़ रहा है. तेजस्वी यादव ने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल ‘X’ पर सरकार के इस फैसले के खिलाफ विरोध जताया है. उन्होंने सीएम नीतीश कुमार पर भी निशाना साधा है।

‘बिना छात्र शिक्षक क्या करेंगे?’ तेजस्वी यादव ने कहा कि ‘बिहार में NDA सरकार की हठधर्मिता के कारण भीषण गर्मी में विद्यालय खोलने से छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की मौत की खबर है. विपक्ष के दबाव में एक दिन पहले स्कूल बंद किए लेकिन फिर भी इस जानलेवा गर्मी में शिक्षकों को स्कूल आने के कड़े निर्देश दिए गए हैं. जब छात्र ही स्कूल में नहीं रहेंगे तो शिक्षक क्या करेंगे? इस भीषण गर्मी में शिक्षकों को अवश्य ही छुट्टी देनी चाहिए।

‘शिक्षकों की जान लेने पर तुले हैं’: तेजस्वी यादव लिखते हैं कि ‘बिहार की NDA सरकार शिक्षकों के प्रति ऐसे अमानवीय निर्णय क्यों ले रही है? मुख्यमंत्री सहित पूरा मंत्रिमंडल वातानुकूलित कमरों में आराम फरमा शिक्षकों की जान लेने पर आमादा क्यों हैं?’

‘लू की चपेट में पूरा बिहार’: 2 दिन पहले बिहार के कई जिलों में स्कूल में छात्र-छात्राओं के बेहोश होने की खबर आई थी. इसी को देखते हुए नीतीश कुमार ने 8 जून तक सरकारी और गैर सरकारी स्कूल बंद करने का निर्देश दिया. लेकिन शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षकों को तय समय पर ही विद्यालय आने का आदेश जारी किया है।

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