पति हुए बीमार तो पत्नी ने उठाए औज़ार, मैकेनिक बनकर चला रही परिवार

एक माँ अपने बच्चों के लिए क्या-क्या कर सकती है, इसका सच्चा उदाहरण देखना हो, तो जरूर मिलिए गाज़ियाबाद की बाइक मैकेनिक पूनम देवी से!

मुश्किल हालत इंसान से क्या नहीं करवा सकते और बात जब अपने बच्चे के भविष्य और उनके पालन-पोषण की हो, तो माँ किसी भी हद तक जा सकती है। ऐसा कुछ कर रही हैं गाज़ियाबाद की पूनम देवी भी। जिन्होंने कभी घर की चार दीवारों से बाहर पैर तक नहीं रखा था, आज वह मैकेनिक बनकर सड़क के किनारे बैठकर बाइक रिपेरिंग का काम कर रही हैं।

पति हुए बीमार तो पत्नी ने उठाए औज़ार, मैकेनिक बनकर चला रही परिवार

दरअसल, पूनम के पति पेशे से मैकेनिक हैं। लेकिन एक हादसे में वह Paralysis का शिकार हो गए। इसके बाद पूनम के ऊपर घर चलाने की जिम्मेदारी के साथ अपने दो बच्चों के भविष्य की चिंता भी थी। लेकिन पूनम में किसी के सामने हाथ फ़ैलाने के बजाय हाथ में औज़ार उठाना पसंद किया।

पति हुए बीमार तो पत्नी ने उठाए औज़ार, मैकेनिक बनकर चला रही परिवार

हालांकि शुरुआत में उन्हें कई तरह की दिक्क्तों का सामना भी करना पड़ा। लोग पहले रुककर अजीब नज़र से देखते थे। कुछ लोगों को यकीन ही नहीं होता था कि एक महिला ऐसे काम कैसे कर सकती है?

लेकिन पूनम हमेशा डटी रही और सिर्फ अपने काम पर ही ध्यान दिया। धीरे-धीरे अपनी मेहनत से उन्होंने अपनी काबिलियत को साबित करके दिखाया। और यह सबकुछ वह सिर्फ इसलिए कर पाई क्योंकि उनके लिए लोगों के ताने नहीं बल्कि अपने बच्चों का भविष्य ज्यादा मायने रखता था।

पति हुए बीमार तो पत्नी ने उठाए औज़ार, मैकेनिक बनकर चला रही परिवार

उन्होंने पति के औज़ारों से ही छोटे-छोटे काम सीखना शुरू किया और आज वह एक सफल मैकेनिक बनकर अपने परिवार को एक बेहतर जिंदगी दे पा रही हैं।

है न, मुश्किलों से डटकर लड़ने वाली इस मैकेनिक माँ का जज़्बा कमाल का!

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