बिहार में ये क्या हो रहा है? अपने सम्मान समारोह में जूते-चप्पल की माला लेकर खड़े हो गये मंत्री जी, कहा-मुझे फूलों का हार नहीं ये पहनाओ

बिहार के बेतिया में हुआ ये वाकया चर्चा का विषय बना हुआ है. लोगों ने एक नेता को सम्मानित करने के लिए सम्मान समारोह का आयोजन किया था. लेकिन नेताजी ने अजब खेला कर दिया. जिन्हें सम्मानित किया जाना था वे मंच पर जूते-चप्पल की माला लेकर खड़े हो गए. उसके बाद लोगों से कहने लगे-मुझे ये ही पहना दो.

सम्मान समारोह में हुए इस वाकये का वीडियो वायरल हो रहा है. हालांकि फर्स्ट बिहार इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है. लेकिन बेतिया और आस-पास के इलाके में ये मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. विस्तार से समझिये मामला क्या है?

बिहार में ये क्या हो रहा है? अपने सम्मान समारोह में जूते-चप्पल की माला लेकर खड़े हो गये मंत्री जी, कहा-मुझे फूलों का हार नहीं ये पहनाओ

ऐसे हुआ वाकया

ये मामला बिहार के पूर्व मंत्री खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद का है. वे पिछली नीतीश सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री थे. बेतिया के सिकटा में बैशखवा हाई स्कूल परिसर में रविवार को सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था. इसमें मुख्य अतिथि खुर्शीद फिरोज अहमद को सिक्के से तौलने का प्लान था. कार्यक्रम में पूर्व मंत्री के पहुंचते ही उनके समर्थकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया.

नेता जी ने निकाल ली जूते की माला

स्वागत के बाद पूर्व मंत्री खुर्शीद अहमद को सिक्कों से तौला गया और उन्हे भाषण देने का आमंत्रण दिया गय़ा. भाषण देते हुए खुर्शीद फिरोज अहमद ने कहा कि मैंने बेटा और भाई बनकर इस क्षेत्र की सेवा की है और आप सभी लोगों के आशीर्वाद से ही मंत्री भी रहा हूं. अब फिर से चुनाव आ रहा है और जीत मेरे अकेले चुनाव लड़ने से नहीं होगा.

पूर्व मंत्री अपने भाषण में लोगों से समर्थन मांगते-मांगते अचानक से पीछे की ओर मुड़े और साथ लेकर आये कार्टन को खोला. उस कार्टन जूते-चप्पल का हार रखा था. नेता जी ने उस हाल को बाहर निकाला और हाथ में उठा लिया. पूर्व मंत्री के हाथ में जूते-चप्पल का हार देखकर लोग दंग रह गये.

  • ये भी पढ़े..

    असम विमान हादसे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जताया शोक, कहा- राष्ट्र वीर वायुयोद्धाओं के सर्वोच्च बलिदान को हमेशा याद रखेगा

    Share Add as a preferred…

    बापू टावर में ‘प्रश्न के रूप में म्यूजियम’ पर विशेष व्याख्यान, संग्रहालयों को संवाद और सामाजिक विमर्श का केंद्र बनाने पर जोर

    Share Add as a preferred…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *