बिहार में ‘पश्चिमी विक्षोभ’ का प्रहार: चिलचिलाती धूप पर मौसम का ब्रेक, आज से 4 दिनों तक आंधी-बारिश का ‘येलो अलर्ट’

  • पारा गिरेगा 4 डिग्री तक, गयाजी में 62 की रफ्तार से चली हवा
  • ​बिहार के मौसम ने एक बार फिर करवट ली है, जहाँ भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच बादलों ने अपना डेरा डालना शुरू कर दिया है।
  • ​भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और पटना मौसम केंद्र ने अगले चार दिनों तक पूरे प्रदेश में आंधी, गर्जना और बारिश की चेतावनी जारी की है।
  • पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर अब मैदानी इलाकों में ‘आफत’ बनकर बरसने को तैयार है।
  • ​आज यानी रविवार से लेकर 8 अप्रैल तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में धूलभरी आंधी और हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल आशंका है।
  • ​मौसम में आए इस बदलाव से बिहार के अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है।

पटना (द वॉयस ऑफ बिहार)।

कुदरत का मिजाज: गर्मी से राहत या किसानों के लिए आफत?

बिहार में अप्रैल की शुरुआत के साथ ही सूरज के तेवर तल्ख होने लगे थे, लेकिन कुदरत ने अचानक अपनी योजना बदल दी है। उत्तर भारत के पहाड़ों पर सक्रिय हुए एक शक्तिशाली ‘पश्चिमी विक्षोभ’ ने मैदानी इलाकों के समीकरण बिगाड़ दिए हैं। मौसम विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि आने वाले चार दिन बिहारवासियों के लिए आंधी और पानी के साये में बीतेंगे। जहाँ एक ओर शहर में रहने वाले लोगों को चिलचिलाती लू से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर यह मौसम किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच रहा है, क्योंकि खेतों में खड़ी फसलें इस तेज हवा और ओलावृष्टि के सामने कमजोर पड़ सकती हैं।

अगले 96 घंटों का रोडमैप: कब और कहाँ बरसेगा पानी?

मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, रविवार (5 अप्रैल) को दक्षिण और पूर्वी बिहार के कुछ चुनिंदा जिलों में बारिश की शुरुआत हो सकती है। इनमें औरंगाबाद, बांका, भभुआ, गयाजी, जमुई, नवादा और रोहतास शामिल हैं, जहाँ एक-दो स्थानों पर गर्जना के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं। लेकिन यह तो केवल शुरुआत है। असली खेल 6 अप्रैल से शुरू होगा। 6 से 8 अप्रैल के बीच बिहार के लगभग सभी जिलों में आंधी और बारिश का दौर चलेगा। इस दौरान आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और तेज हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

तापमान में बड़ी गिरावट: ठंडी हवाएं बढ़ाएंगी राहत

पिछले कुछ दिनों से बिहार के कई शहरों में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस को पार कर रहा था। शनिवार को ही प्रदेश का अधिकतम तापमान 34.3 से 38.4 डिग्री के बीच रिकॉर्ड किया गया। लेकिन आंधी-पानी के इस नए स्पेल (दौर) के कारण अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री तक की कमी आने की संभावना है। साथ ही, न्यूनतम तापमान, जो वर्तमान में 18.2 से 25.5 डिग्री के बीच बना हुआ है, उसमें भी 2 से 3 डिग्री की गिरावट आएगी। यानी रातें अब पहले के मुकाबले थोड़ी अधिक ठंडी और खुशनुमा होंगी।

गयाजी में हवा का तांडव: 62 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार

शनिवार को मौसम के बिगड़ते मिजाज की एक झलक गयाजी में देखने को मिली। वहां 62 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से धूलभरी आंधी चली, जिसने सड़कों पर चल रहे राहगीरों और वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ा दीं। हवा की यह रफ़्तार इतनी तेज थी कि कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूट गईं और कच्चे मकानों के छप्पर उड़ गए। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले चार दिनों के दौरान भी हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास रह सकती है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ गर्जना के साथ बारिश होगी।

पश्चिमी विक्षोभ का ‘कनेक्शन’: पहाड़ों से मैदानों तक का सफर

नई दिल्ली स्थित आईएमडी (IMD) के अनुसार, इस समय उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ों पर भारी बर्फबारी हो रही है। इस पश्चिमी विक्षोभ का असर इतना व्यापक है कि सात और आठ अप्रैल को पूर्वी भारत के राज्य—बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम—पूरी तरह से इसकी चपेट में होंगे। इन राज्यों में 5 से 8 अप्रैल के बीच गरज-चमक के साथ बारिश का दौर निरंतर जारी रहने की भविष्यवाणी की गई है। यह मौसमी बदलाव उस समय आ रहा है जब आम तौर पर बिहार में शुष्क पछुआ हवाओं का प्रभाव बढ़ जाता है।

किसानों के लिए जरूरी सलाह: फसलों की सुरक्षा है प्राथमिकता

अप्रैल का महीना बिहार के किसानों के लिए फसल कटाई और मड़ाई का समय होता है। गेंहू और सरसों जैसी फसलें या तो कट चुकी हैं या खलिहानों में हैं। ऐसे में आंधी और बारिश की यह चेतावनी किसानों के लिए खतरे की घंटी है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर ढककर रखें। साथ ही, आम और लीची के बागवानों को भी सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि तेज आंधी से टिकोले (कच्चे फल) गिर सकते हैं। आंधी के समय बिजली के खंभों और पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें, क्योंकि वज्रपात (ठनका) का खतरा भी बना रहता है।

शहरी जनजीवन और प्रशासनिक सतर्कता

पटना सहित राज्य के अन्य नगर निगमों और प्रशासनिक इकाइयों को भी अलर्ट पर रखा गया है। तेज बारिश के कारण जलजमाव की समस्या न हो, इसके लिए नालों की सफाई और ड्रेनेज सिस्टम को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली विभाग को भी विशेष रूप से तैयार रहने को कहा गया है, क्योंकि आंधी के दौरान तार टूटने और ट्रांसफार्मर खराब होने की घटनाएं आम होती हैं। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और रेडियो/टीवी पर प्रसारित होने वाली सूचनाओं पर ध्यान दें।

आकाशवाणी और डिजिटल माध्यमों से मिलेगी पल-पल की जानकारी

मौसम से जुड़ी इन संवेदनशील सूचनाओं को जनता तक पहुँचाने में सरकारी सूचना तंत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आकाशवाणी भागलपुर, जो अपने 20 किलोवाट मीडियम वेव और एफएम ट्रांसमीटर के माध्यम से 17 घंटे से अधिक समय तक सक्रिय रहता है, मौसम के इन बदलावों की जानकारी क्षेत्रीय बोलियों जैसे अंगिका और संथाली में भी प्रसारित कर रहा है। इसके अलावा, “न्यूज़ ऑन एयर” ऐप और प्रसार भारती के ओटीटी प्लेटफॉर्म “वेव्स” के माध्यम से भी लोग अपने मोबाइल पर मौसम की चेतावनी और बचाव के उपाय प्राप्त कर सकते हैं।

सतर्कता ही बचाव है

अगले चार दिन बिहार के लिए प्रकृति की परीक्षा जैसे हैं। जहाँ एक ओर गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर आंधी-पानी की यह आफत सुरक्षा के लिहाज से चुनौतीपूर्ण हो सकती है। गयाजी की 62 किमी की हवा एक चेतावनी है कि हमें कुदरत के इस बदलाव को हल्के में नहीं लेना चाहिए। प्रशासन अपनी ओर से मुस्तैद है, लेकिन नागरिकों की जागरूकता ही किसी भी बड़ी अनहोनी को टालने में सबसे बड़ी ढाल बनेगी। घरों से बाहर निकलते समय मौसम के पूर्वानुमान को जरूर देखें और सुरक्षित रहें।

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