
बेतिया/सहोदरा। समाज की रक्षा के लिए खाकी वर्दी पहनने वाली एक महिला सिपाही खुद अपनी ही ससुराल की चारदीवारी के भीतर सुरक्षित नहीं रह सकी। पश्चिम चंपारण जिले के सहोदरा थाना क्षेत्र अंतर्गत सुथौली गांव से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पुलिस महकमे से लेकर आम जनमानस तक को झकझोर कर रख दिया है। पटना पुलिस लाइन में तैनात 27 वर्षीय महिला सिपाही संकेशी कुमारी की बुधवार देर शाम संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सबसे दुखद पहलू यह है कि संकेशी गर्भवती थी, यानी एक साथ दो जिंदगियां काल के गाल में समा गईं। जहां ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या का रंग देने की कोशिश कर रहा है, वहीं मृतका के मायके वालों ने गला घोंटकर हत्या करने का संगीन आरोप लगाया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के पति को हिरासत में ले लिया है, जबकि घर के अन्य सदस्य फरार हैं। खुशियों वाले घर में मातम का ऐसा मंजर पसरा है कि हर आंख नम है।
शादी की खुशियों के बीच पसरा मातम: मायके से ससुराल जाते ही वारदात
घटना की पृष्ठभूमि किसी फिल्मी त्रासदी जैसी लगती है। गौनाहा के मंगुराहा निवासी संकेशी कुमारी पटना पुलिस बल में अपनी सेवाएं दे रही थीं। कुछ दिन पहले ही वह अपनी छोटी बहन मंगीता की शादी में शामिल होने के लिए पटना से छुट्टी लेकर अपने मायके आई थीं। 21 अप्रैल को बहन की शादी धूमधाम से संपन्न हुई, जिसमें संकेशी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। घर में अभी भी मेहमानों की चहल-पहल थी और विदाई की रस्में पूरी हो रही थीं।
बुधवार को संकेशी अपने मायके मंगुराहा से विदा होकर अपनी ससुराल सुथौली गांव गई थी। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि जिस बेटी को वे कुछ ही घंटों पहले हंसते-खेलते विदा कर रहे हैं, उसकी मौत की खबर शाम ढलते ही घर पहुँच जाएगी। बुधवार देर शाम करीब सात बजे परिजनों को सूचना मिली कि संकेशी की तबीयत खराब है या उसके साथ कुछ अनहोनी हो गई है। जब भाई दिनेश कुमार और अन्य परिजन सुथौली पहुँचे, तो वहां का दृश्य देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। संकेशी का शव घर के भीतर पड़ा था और ससुराल के अधिकांश सदस्य घर छोड़कर भाग चुके थे।
प्रेम विवाह का खौफनाक अंत: एक साल में ही उजड़ा संसार
संकेशी और सुजीत कुमार की प्रेम कहानी की शुरुआत बड़े अरमानों के साथ हुई थी। परिजनों के अनुसार, संकेशी और सुजीत ने मार्च 2025 में प्रेम विवाह किया था। सुजीत कुमार उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में रेलवे टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत है। दोनों ही सरकारी सेवाओं में थे, इसलिए समाज और परिवार को लगा था कि यह जोड़ा एक आदर्श जीवन जिएगा। लेकिन शादी के महज एक साल एक महीने के भीतर ही इस रिश्ते का अंत इतना भयावह होगा, इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी।
मृतका के भाई दिनेश कुमार ने सीधे तौर पर सुजीत और उसके परिवार पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि प्रेम विवाह होने के बावजूद ससुराल में संकेशी को प्रताड़ित किया जा रहा था। बुधवार को जैसे ही वह ससुराल पहुँची, किसी बात को लेकर विवाद हुआ और योजनाबद्ध तरीके से उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई। भाई का सवाल है कि यदि यह आत्महत्या थी, तो घर के अन्य सदस्य पुलिस के आने से पहले फरार क्यों हो गए? यह पलायन ही ससुराल पक्ष की संलिप्तता की ओर बड़ा इशारा कर रहा है।
पुलिसिया कार्रवाई: पति हिरासत में, एफएसएल ने जुटाए सबूत
घटना की सूचना मिलते ही सहोदरा थानाध्यक्ष ऋतुराज जायसवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने सबसे पहले शव को अपने कब्जे में लिया और घटनास्थल को सुरक्षित किया। मामले की गंभीरता और मृतका के पुलिस विभाग से जुड़े होने के कारण जांच में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जा रही है। साक्ष्यों के संकलन के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को बुलाया गया, जिसने घटनास्थल का सूक्ष्मता से मुआयना किया।
थानाध्यक्ष ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला फांसी लगाकर जान देने का प्रतीत हो रहा है, क्योंकि शव की स्थिति वैसी ही थी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चूंकि मृतका के गले पर संदिग्ध निशान हैं और परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है, इसलिए पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। गुरुवार को बेतिया के जीएमसीएच (GMCH) में मेडिकल बोर्ड की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने आरोपी पति सुजीत कुमार को हिरासत में ले लिया है और उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है।
गर्भवती सिपाही की मौत: कानून और संवेदनाओं का सवाल
इस मामले का सबसे संवेदनशील पक्ष संकेशी का गर्भवती होना है। एक महिला सिपाही जो दिन-भर दूसरों की सुरक्षा और कानून के पालन में जुटी रहती थी, वह अपने ही घर में एक अजन्मे बच्चे के साथ मौत का शिकार हो गई। यदि यह हत्या है, तो यह ‘दोहरा कत्ल’ है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत का वास्तविक कारण दम घुटना (Strangulation) है या दम रुकना (Asphyxiation due to hanging)।
विशेषज्ञों का कहना है कि सुसाइड और मर्डर के मामलों में गले के निशानों की बनावट (Ligature mark) अलग-अलग होती है। एफएसएल की टीम ने वहां से कुछ नमूने और फिंगरप्रिंट्स भी लिए हैं। फरार ससुराल वालों की तलाश के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या सुजीत और संकेशी के बीच हाल के दिनों में कोई बड़ा विवाद हुआ था या फिर दहेज जैसी कोई मांग भी इस प्रेम विवाह के पीछे छिपी हुई थी।
सिस्टम और सुरक्षा पर सुलगते सवाल
संकेशी की मौत ने कई ऐसे सवाल खड़े कर दिए हैं जिनका जवाब मिलना बाकी है:
- वर्दी की सुरक्षा: यदि पुलिस बल में तैनात एक सशक्त महिला अपने ससुराल में सुरक्षित नहीं है, तो आम ग्रामीण महिलाओं की स्थिति क्या होगी?
- प्रेम विवाह और प्रताड़ना: क्या प्रेम विवाह के बाद भी सामाजिक और पारिवारिक दबाव हत्या का कारण बन रहे हैं?
- पुलिस की भूमिका: अपनी ही सहकर्मी की मौत के मामले में क्या पुलिस बिना किसी पक्षपात के सुजीत और उसके परिवार के खिलाफ कार्रवाई कर पाएगी?
सहोदरा पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है और उसी के आधार पर प्राथमिकी (FIR) में धाराओं का विस्तार किया जाएगा। फिलहाल, पति सुजीत से यह उगलवाने की कोशिश की जा रही है कि उस शाम घर के भीतर वास्तव में क्या हुआ था और अन्य सदस्य क्यों फरार हुए।


