
कोलकाता/मध्यमग्राम। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ऐतिहासिक जीत और जश्न के माहौल के बीच एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। भाजपा के दिग्गज नेता और मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे शुभेंदु अधिकारी के बेहद करीबी और उनके स्वीय सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की बुधवार, 06 मई 2026 को सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना कोलकाता के पास उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में घटित हुई, जहाँ घात लगाए बैठे बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। चुनाव परिणामों की घोषणा के महज दो दिन बाद हुई इस हत्या ने राज्य की कानून व्यवस्था और राजनैतिक हिंसा की पुरानी यादों को फिर से ताजा कर दिया है। भाजपा नेतृत्व ने इस घटना को ‘राजनैतिक प्रतिशोध’ करार देते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं, शुभेंदु अधिकारी ने अपने सबसे भरोसेमंद सहयोगी को खोने पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
मध्यमग्राम में खूनी खेल: कैसे हुई वारदात?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चंद्रनाथ रथ बुधवार की दोपहर मध्यमग्राम विधानसभा क्षेत्र में किसी निजी कार्य से निकले थे। जैसे ही वे एक व्यस्त सड़क से गुजर रहे थे, पहले से घात लगाए बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बदमाशों ने बेहद करीब से उन पर चार गोलियां दागीं, जिनमें से दो गोलियां उनके सिर और छाती में लगीं। गोली लगने के बाद चंद्रनाथ वहीं जमीन पर गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर हवा में हथियार लहराते हुए फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई। पुलिस ने घटनास्थल से कारतूसों के खोखे बरामद किए हैं और आसपास के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले जा रहे हैं। प्राथमिक जांच में यह एक ‘टारगेट किलिंग’ का मामला लग रहा है, जिसे पेशेवर शूटरों द्वारा अंजाम दिया गया है।
12 साल का साथ: शुभेंदु अधिकारी के ‘दाहिने हाथ’ थे चंद्रनाथ
चंद्रनाथ रथ केवल एक कर्मचारी नहीं थे, बल्कि वे पिछले 10 से 12 वर्षों से शुभेंदु अधिकारी के साथ जुड़े हुए थे। उन्हें शुभेंदु का ‘दाहिना हाथ’ माना जाता था और वे उनके सभी राजनैतिक कार्यक्रमों, जनसंपर्क और चुनावी रणनीतियों को प्रबंधित करते थे। हाल ही में संपन्न हुए 2026 के विधानसभा चुनावों में चंद्रनाथ ने शुभेंदु अधिकारी के चुनाव प्रचार और बूथ मैनेजमेंट में केंद्रीय भूमिका निभाई थी।
नंदीग्राम से लेकर भवानीपुर तक के राजनैतिक संग्राम में वे शुभेंदु के साये की तरह साथ रहे। भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच चंद्रनाथ अपनी मिलनसार छवि और संगठनात्मक कुशलता के लिए जाने जाते थे। उनकी हत्या की खबर जैसे ही कोलकाता पहुँची, नवनिर्वाचित विधायकों और कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया। शुभेंदु अधिकारी ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि उन्होंने अपना एक छोटा भाई और सबसे समर्पित साथी खो दिया है।
जीत के जश्न के बीच राजनैतिक हिंसा का साया
पश्चिम बंगाल में 4 मई को आए चुनाव परिणामों में भाजपा ने बहुमत का आंकड़ा पार करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू ही हुई थी कि इस हत्या ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। भाजपा का आरोप है कि हार से बौखलाए राजनैतिक विरोधी अब उनके कार्यकर्ताओं और करीबियों को निशाना बना रहे हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने भी इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी का कहना है कि बंगाल की जनता ने हिंसा की राजनीति को नकारा है, लेकिन कुछ तत्व अब भी राज्य में अशांति फैलाना चाहते हैं। पुलिस मुख्यालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। डीजीपी ने निर्देश दिए हैं कि अगले 24 घंटों के भीतर आरोपियों की पहचान कर उन्हें दबोचा जाए।
मध्यमग्राम और आसपास के इलाकों में तनाव
हत्याकांड के बाद मध्यमग्राम और उत्तर 24 परगना के कई हिस्सों में तनाव व्याप्त हो गया है। भाजपा समर्थकों ने विरोध में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। जगह-जगह सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि स्थिति को नियंत्रित रखा जा सके। पुलिस चंद्रनाथ रथ के मोबाइल डिटेल्स और उनके हालिया संपर्कों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उन्हें पहले से कोई धमकी मिली थी।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब राज्य में नई कैबिनेट के शपथ ग्रहण की तैयारियां चल रही हैं। शुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर डाल दिया है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ राजनैतिक प्रतिद्वंद्विता काफी पुरानी और हिंसक रही है। फिलहाल, चंद्रनाथ रथ का पार्थिव शरीर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, जिसके बाद उसे अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक आवास ले जाया जाएगा।


