समस्तीपुर में वीवीपैट पर्चियां कूड़े में मिलीं, चुनाव आयोग ने एआरओ को किया सस्पेंड

समस्तीपुर, बिहार: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग के बाद समस्तीपुर से एक बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र के शितलपट्टी गांव में हजारों वीवीपैट पर्चियां कूड़े में फेंकी मिलीं, जिसके बाद भारत निर्वाचन आयोग ने तत्काल एक्शन लेते हुए संबंधित एआरओ को निलंबित कर दिया और एफआईआर दर्ज करने का आदेश जारी किया है।


चुनाव आयोग ने बताया “गंभीर लापरवाही”

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि

“बिहार के समस्तीपुर डीएम को मौके पर जाकर जांच करने का निर्देश दिया गया है। ये पर्चियां मॉक पोल की हैं, इसलिए मतदान प्रक्रिया की शुचिता पर कोई असर नहीं पड़ा है। लेकिन संबंधित एआरओ को लापरवाही के लिए सस्पेंड किया जा रहा है और उनके खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया गया है।”


घटना कैसे सामने आई

जानकारी के अनुसार, 6 नवंबर को सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र में मतदान संपन्न हुआ था। इसके दो दिन बाद 8 नवंबर की सुबह, शितलपट्टी गांव के पास कूड़े के ढेर में वीवीपैट से निकली वोटिंग पर्चियां फेंकी हुई पाई गईं। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना प्रशासन को दी, जिसके बाद डीएम रोशन कुशवाहा, एसपी अरविंद प्रताप सिंह और एसडीओ दिलीप कुमार मौके पर पहुंचे।

अधिकारियों ने सभी पर्चियों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। डीएम ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई तय है।


राजनीतिक हलचल और सवाल

वीवीपैट पर्चियां मिलने की घटना के बाद चुनाव आयोग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। विपक्षी दलों ने इसे “लोकतंत्र के साथ खिलवाड़” बताया, वहीं प्रशासन का कहना है कि यह “मॉक पोल की पर्चियां” हैं और वास्तविक वोटिंग प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित है।


चुनाव आयोग की कार्रवाई

  • संबंधित एआरओ निलंबित
  • एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी
  • डीएम और एसपी को विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश

 

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