
भागलपुर, पीरपैंती प्रखंड में प्रस्तावित पावर प्रोजेक्ट क्षेत्र के भीतर स्थित लिलोर बाबा स्थान को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। धार्मिक आस्था से जुड़े इस स्थल को बचाने के लिए स्थानीय लोगों ने एक अहम बैठक आयोजित की, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।
आस्था का केंद्र, हटाने का विरोध
बैठक में ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि लिलोर बाबा स्थान उनके लिए सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि पीढ़ियों से जुड़ी आस्था और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस स्थल को किसी भी तरह से हटाने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनप्रतिनिधियों का मिला समर्थन
इस बैठक में पीरपैंती के विधायक मुरारी पासवान, जिला परिषद उपाध्यक्ष पप्पू यादव, जिला परिषद सदस्य कैलाश यादव, मुखिया गुलसागर रजक, मनोज शास्त्री सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
सभी जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों की भावनाओं का समर्थन करते हुए कहा कि लिलोर बाबा स्थान की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा।
विधायक ने दिया भरोसा
विधायक मुरारी पासवान ने कहा कि वे इस मुद्दे को उच्च स्तर तक उठाएंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि ग्रामीणों की आस्था के साथ किसी तरह का अन्याय न हो। उन्होंने कहा कि विकास कार्य जरूरी है, लेकिन वह स्थानीय भावनाओं और धार्मिक स्थलों को नजरअंदाज करके नहीं किया जाना चाहिए।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि प्रशासन या कंपनी की ओर से सकारात्मक पहल नहीं की जाती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
आस्था बनाम विकास का सवाल
यह मामला अब ‘आस्था बनाम विकास’ की बहस का रूप लेता जा रहा है। एक ओर जहां बड़े प्रोजेक्ट से क्षेत्र में रोजगार और विकास की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं।
शांतिपूर्ण संघर्ष पर जोर
बैठक के दौरान सभी ने यह भी तय किया कि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से किया जाएगा और कानून-व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
- फिलहाल, इस मुद्दे पर ग्रामीणों का रुख स्पष्ट है—लिलोर बाबा स्थान की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में यह विवाद और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।


