
भागलपुर में विक्रमशिला सेतु पर चल रहे बेली ब्रिज निर्माण कार्य का सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण स्थल पर चल रहे कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए। प्रशासन को उम्मीद है कि बेली ब्रिज निर्माण का कार्य 5 जून से पहले पूरा कर लिया जाएगा, जिससे विक्रमशिला सेतु पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने में बड़ी राहत मिलेगी।
विक्रमशिला सेतु पर पिछले कई दिनों से मरम्मत और वैकल्पिक यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक काम चल रहा है। सेतु की तकनीकी स्थिति और बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन की ओर से यहां तीन बेली ब्रिज बनाए जा रहे हैं। इसी निर्माण कार्य की प्रगति देखने के लिए जिलाधिकारी ने सोमवार को स्थल निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तीनों निर्माण स्थलों का दौरा किया और वहां तैनात अधिकारियों से कार्य की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण एजेंसियों से समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने को कहा ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके।
मीडिया से बातचीत करते हुए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि बेली ब्रिज पर केवल छोटी गाड़ियों को चलने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा और ट्रैफिक नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था बनाई गई है। एक समय में केवल एक दिशा से ही वाहनों को गुजरने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पुल के दोनों तरफ लोहे के गार्डर लगाए जाएंगे ताकि बड़ी गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह रोकी जा सके और सिर्फ हल्के वाहन ही बेली ब्रिज का उपयोग कर सकें। प्रशासन का मानना है कि इससे पुल पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा और यातायात सुरक्षित तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि दोनों ओर दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। उनका काम वाहनों को कतारबद्ध तरीके से नियंत्रित करना होगा ताकि एक तरफ से वाहनों की आवाजाही के बाद दूसरी ओर से सुरक्षित तरीके से ट्रैफिक शुरू किया जा सके।
प्रशासन की योजना के अनुसार पुल के दोनों सिरों पर सिग्नल व्यवस्था भी लागू की जाएगी। जब एक दिशा से वाहन पूरी तरह निकल जाएंगे तभी दूसरी दिशा से वाहनों को छोड़ा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था की स्थिति से बचा जा सकेगा।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बेली ब्रिज के दोनों ओर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल के बैठने के लिए समुचित व्यवस्था की जाए। इसके लिए अस्थायी नियंत्रण कक्ष और बैठने की जगह तैयार करने का आदेश दिया गया है।
प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि 31 मई तक सड़क पर लाइनिंग और अन्य यातायात संकेतों का कार्य पूरा कर लिया जाए। अधिकारियों का कहना है कि सही लाइनिंग और संकेतक व्यवस्था से वाहन चालकों को दिशा-निर्देश मिलने में आसानी होगी और दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी।
जानकारी के अनुसार तीन बेली ब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है। इनमें से एक मुख्य स्लैब के आर-पार वाला बेली ब्रिज लगभग तैयार हो चुका है। इसके उत्तर दिशा में बनाए जा रहे दूसरे बेली ब्रिज का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में पहुंच गया है। वहीं तीसरे बेली ब्रिज की लांचिंग की तैयारी की जा रही है।
बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन के इंजीनियर लगातार निर्माण कार्य में जुटे हुए हैं। प्रशासन का दावा है कि युद्धस्तर पर काम चल रहा है और समय सीमा के भीतर निर्माण पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
विक्रमशिला सेतु भागलपुर और आसपास के कई जिलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग माना जाता है। यह पुल उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच आवागमन का प्रमुख माध्यम है। ऐसे में यहां किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या या ट्रैफिक बाधा का असर हजारों लोगों पर पड़ता है।
पिछले कुछ समय से सेतु पर ट्रैफिक दबाव और तकनीकी मरम्मत की आवश्यकता को लेकर लगातार चिंता जताई जा रही थी। भारी वाहनों की आवाजाही और बढ़ते लोड के कारण प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करनी पड़ी। इसी के तहत बेली ब्रिज निर्माण का फैसला लिया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बेली ब्रिज जल्द चालू हो जाता है तो लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। खासकर छोटे वाहन चालकों और दैनिक यात्रियों को आवागमन में आसानी होगी। वर्तमान में कई बार लंबा जाम लगने के कारण लोगों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ता है।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। पुल पर पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ लगातार निगरानी की जाएगी ताकि यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार बेली ब्रिज अस्थायी लेकिन बेहद प्रभावी संरचना मानी जाती है। इसका उपयोग आमतौर पर आपात स्थिति या वैकल्पिक मार्ग तैयार करने के लिए किया जाता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे कम समय में तैयार किया जा सकता है और हल्के वाहनों की आवाजाही के लिए सुरक्षित माना जाता है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हर स्तर पर सावधानी बरती जानी चाहिए।
फिलहाल प्रशासन को उम्मीद है कि निर्धारित समय के भीतर बेली ब्रिज तैयार हो जाएगा और जून के पहले सप्ताह से लोगों को इसका लाभ मिलने लगेगा। निर्माण कार्य की प्रगति को देखते हुए स्थानीय लोगों में भी उम्मीद बढ़ी है कि विक्रमशिला सेतु पर लंबे समय से बनी यातायात समस्या में जल्द राहत मिल सकती है।


