
बिहार की राजनीति में आज से एक नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है। पहली बार राज्य में Bharatiya Janata Party (बीजेपी) का मुख्यमंत्री बना है। Samrat Choudhary बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले चुके हैं। ऐसे में लंबे समय तक सत्ता की कमान संभालने वाली Janata Dal (United) (जेडीयू) अब पीछे की भूमिका में नजर आ रही है।
जेडीयू कोटे से डिप्टी सीएम बने विजेंद्र यादव ने इस बदलाव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य में “नीतीश मॉडल” ही आगे भी लागू रहेगा।
उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों में बिहार के विकास की जो गति रही है, वह आगे भी बरकरार रहेगी। “विकसित बिहार” के लक्ष्य को लेकर सरकार काम करती रहेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि Nitish Kumar ने केवल मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया है, लेकिन वह अब भी सरकार के “गार्जियन” हैं और उनके विचारों के आधार पर ही काम होगा।
विपक्ष के हमलों पर पलटवार करते हुए विजेन्द्र यादव ने कहा कि विपक्ष पहले अपनी स्थिति देखे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष इतना कमजोर हो गया है कि राज्यसभा चुनाव तक नहीं जीत सका।
कार्यशैली में बदलाव के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब विचार, उद्देश्य और नीति एक ही है, तो कार्यशैली में बदलाव का सवाल ही नहीं उठता।
वहीं, निशांत कुमार को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि इस बारे में उन्हीं से पूछा जाना चाहिए। कैबिनेट विस्तार पर उन्होंने संकेत दिया कि समय आने पर मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा, जो एक सामान्य प्रक्रिया है।
इधर, नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav के उस बयान पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि सम्राट चौधरी Lalu Prasad Yadav की “पाठशाला” से निकले हैं। इस पर विजेन्द्र यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि तेजस्वी यादव पहले यह बताएं कि उनके पिता किस “पाठशाला” से निकले हैं। उन्होंने याद दिलाया कि जनता दल के समय ही लालू प्रसाद और राबड़ी देवी मुख्यमंत्री बने थे।


