पटना : भवन निर्माण विभाग के नए मंत्री विजय कुमार चौधरी पदभार ग्रहण करने के बाद रविवार को सीधे विभाग पहुंचे और अधिकारियों के साथ बैठक कर विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। विभाग पहुंचने पर सचिव कुमार रवि सहित अधिकारियों, अभियंताओं और कर्मचारियों ने पुष्पगुच्छ देकर मंत्री का स्वागत किया।
कार्यों की समीक्षा और त्वरित निपटारा
बैठक में मंत्री ने विभागीय अधिकारियों और अभियंताओं से उनके दायित्वों व लंबित परियोजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
सचिव कुमार रवि ने विभागीय संरचना, कार्यप्रणाली और चल रही योजनाओं की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत की।
विभाग की प्रमुख परियोजनाओं की जानकारी पीपीटी के माध्यम से दी गई।
मंत्री ने बैठक के दौरान लंबित फाइलों और मामलों का स्थान पर ही निपटारा किया और आगे की रणनीति पर विस्तृत निर्देश दिए।
आईकॉनिक इमारतों की हुई समीक्षा
सचिव ने मंत्री को बताया कि हाल के वर्षों में भवन निर्माण विभाग ने कई महत्वपूर्ण और पहचान बनाने वाले निर्माण कार्य पूरे किए हैं, जिनमें —
- बापू टावर
- राजगीर खेल परिसर
- बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय
- स्मृति स्तूप शामिल हैं।
इसके अलावा पंचायत सरकार भवन, आवासीय विद्यालय और प्रखंड कार्यालयों सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई।
समयसीमा और गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता — मंत्री
विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री विजय कुमार चौधरी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि —
“सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। यह विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।”
मंत्री ने बताया कि —
- निर्माण कार्यों की नियमित और बहु-स्तरीय समीक्षा की जाएगी
- योजनाओं में तेजी, पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी
- अधिकारियों और अभियंताओं को जिम्मेदारी के साथ कार्य निष्पादन का निर्देश दिया गया
बैठक में अधिकारियों और अभियंताओं की पूर्ण उपस्थिति
समीक्षा बैठक में विभाग के सभी वरिष्ठ पदाधिकारी, अभियंता और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में मंत्री ने टीम वर्क और कार्य संस्कृति को बेहतर करने पर जोर दिया और कहा कि “भवन निर्माण विभाग राज्य के विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए प्रत्येक परियोजना जनता के हित और सरकार के विश्वास के अनुरूप पूरी होनी चाहिए।”


