जदयू और बीजेपी कार्यालय में विजय उत्सव: प्रचंड बहुमत के बाद ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और मिठाइयों से गूंजा माहौल

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए की ऐतिहासिक जीत के बाद पटना स्थित जदयू और बीजेपी कार्यालयों में जश्न का माहौल लगातार बढ़ता जा रहा है। सुबह से ही दोनों दलों के दफ्तर ढोल-नगाड़ों की थाप, गुलाल, पटाखों और मिठाइयों की खुशबू से भर गए हैं। कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर है और हर चेहरा जीत की खुशी में झूमता नजर आ रहा है।

जदयू कार्यालय में सुबह से जश्न, महिलाओं ने कहा— ‘नीतीश ही मुख्यमंत्री बनेंगे’

जदयू कार्यालय में सुबह से ही चारों ओर ढोल-नगाड़ों की गूंज, पटाखों की आवाज़, और गुलाल की उड़ान माहौल को पूरी तरह उत्सव में बदल चुकी है।
महिलाओं की भारी संख्या में मौजूदगी ने जश्न को और खास बना दिया।

महिलाओं ने कहा—

“नीतीश कुमार ही हमारे मुख्यमंत्री बनेंगे। उनके सामने कोई मुकाबला नहीं है। बिहार ने विकास के नाम पर सही फैसला किया है।”

जदयू समर्थकों ने नीतीश कुमार की नेतृत्व क्षमता, सामाजिक नीतियों और महिलाओं के लिए किए गए कार्यों को इस भारी जीत का सबसे बड़ा कारण बताया।

बीजेपी कार्यालय में भी जश्न का तूफान, कार्यकर्ता बोले— ‘केंद्रीय नेतृत्व की मेहनत रंग लाई’

बीजेपी कार्यालय में कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते बन रहा था। रंग-बिरंगा गुलाल उड़ता रहा, मिठाइयाँ बांटी जाती रहीं, और “जय श्रीराम”, “मोदी-नीतीश जय” के नारे दफ्तर के हर कोने में गूंजते रहे।

उत्साहित कार्यकर्ताओं ने कहा—

“बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व लगातार मेहनत कर रहा था। पूरे बिहार में मोदी जी की रैलियों ने चुनाव का पूरा माहौल बदल दिया।”

कई कार्यकर्ताओं ने नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और भाजपा संगठन की मजबूत तैयारी को इस शानदार प्रदर्शन का आधार बताया।

‘नीतीश–नरेंद्र की जोड़ी सुपरहिट’, कार्यकर्ताओं ने दिया बड़ा बयान

दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने एक ही स्वर में कहा कि बिहार में इस बार सबसे बड़ा संदेश नीतीश–नरेंद्र की जोड़ी का रहा।
एक कार्यकर्ता ने कहा—

“नीतीश और नरेंद्र की जोड़ी सुपरहिट है। जनता ने पूरी तरह विश्वास जताया और विपक्ष के किसी भी दाव को स्वीकार नहीं किया।”

जदयू और बीजेपी दोनों कार्यालयों में यही चर्चा सबसे प्रमुख रही कि विकास, सुशासन और राष्ट्रीय नेतृत्व का संयुक्त प्रभाव जनता के मन में साफ दिखा।

महिला वोट और पेंशन योजना ने बदला चुनावी समीकरण

चुनाव से छह महीने पहले राज्य सरकार द्वारा लागू की गई योजनाओं—

  • महिलाओं को ₹10,000 की आर्थिक सहायता
  • पेंशन बढ़ाकर ₹1,100 करना
  • घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली देने का वादा

ने इस चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विशेषकर महिला मतदाताओं की भारी भागीदारी एनडीए के पक्ष में निर्णायक रही।

एक महिला मतदाता ने कहा—

“हमने नीतीश जी को इसलिए वोट दिया क्योंकि वे हमारे बारे में सोचते हैं, हम पर भरोसा करते हैं।”

बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कहा— ‘यह सनातन की जीत है’

बीजेपी समर्थकों ने इस जीत को सांस्कृतिक और वैचारिक जीत बताते हुए इसे “सनातन की विजय” करार दिया।
कई कार्यकर्ताओं ने कहा—

“राम मंदिर का विरोध करने वालों को जनता ने जवाब दे दिया। यह राम भक्तों की जीत है और जंगलराज को नकारने का संदेश भी।”

जश्न थमने का नाम नहीं, विजय दीपावली जैसा दृश्य

दोनों दलों के कार्यालयों में वातावरण इतना उत्साहित दिखा कि समर्थक इसे “विजय दीपावली” और “होली-दीवाली एक साथ” जैसा बता रहे थे।
लगातार पटाखों की आवाज़, ढोल की ताल और नाचते कार्यकर्ताओं की भीड़ ने राजधानी पटना को राजनीतिक उत्सव में बदल दिया।

  • Related Posts