
खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):
- तारीख बढ़ी: परमिट पर यंत्र खरीदने की अंतिम तिथि 3 मार्च से बढ़ाकर अब 19 मार्च की गई।
- भारी छूट: आधुनिक गन्ना यंत्रों की खरीद पर सरकार दे रही है 50 से 60 फीसदी तक का भारी अनुदान।
- लाभार्थी: तीसरे और चौथे रैंडमाइजेशन में चयनित 324 किसानों को मिलेगा सीधा फायदा।
- पेमेंट मोड: DBT के जरिए सीधे बैंक खाते में आएगी सब्सिडी की राशि; बिचौलियों का खेल खत्म।
पटना: बिहार के गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर है। अगर आप आधुनिक यंत्र खरीदकर अपनी खेती को ‘स्मार्ट’ बनाना चाहते थे और समय की कमी के कारण परमिट का उपयोग नहीं कर पाए थे, तो सरकार ने आपको एक और मौका दिया है। गन्ना उद्योग विभाग ने गन्ना यंत्रीकरण योजना के तहत यंत्र खरीदने की समय-सीमा को विस्तारित कर दिया है। अब किसान 19 मार्च तक अपनी पसंद के कृषि यंत्र खरीद सकेंगे।
क्यों बढ़ाई गई तारीख?
विभाग का मुख्य उद्देश्य योजना के वित्तीय लक्ष्यों को समय पर पूरा करना और अधिक से अधिक किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है।
- पहले की तिथि: 3 मार्च 2026
- नई विस्तारित तिथि: 19 मार्च 2026
- उद्देश्य: यंत्रों की खरीद में तेजी लाना ताकि अगली फसल की तैयारी समय पर हो सके।
इन यंत्रों पर मिल रही है भारी सब्सिडी
सरकार चाहती है कि किसान गन्ने की कटाई से लेकर खेत की जुताई तक सब कुछ मशीनों से करें। इसके लिए इन मशीनों पर 50% से 60% की छूट दी जा रही है:
- मिनी ट्रैक्टर (4WD) और पावर टिलर
- रोटावेटर, पावर वीडर और डिस्क हैरो
- शुगरकेन कटर प्लांटर (गन्ना बोने की मशीन)
- लेजर लेवलर और हाइड्रॉलिक स्प्रेयर
कैसे करें खरीद? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)
- पोर्टल पर जाएं: चयनित किसान सुमेक पोर्टल (https://sugarcanemech.bihar.gov.in) पर लॉग इन करें।
- विक्रेता का चुनाव: पोर्टल पर सूचीबद्ध (Listed) विक्रेताओं से ही संपर्क करें।
- पूर्ण भुगतान: शुरुआत में किसान को पूरी राशि का भुगतान करना होगा।
- सत्यापन: यंत्र खरीदने के बाद विभाग के अधिकारी इसका फिजिकल वेरिफिकेशन (सत्यापन) करेंगे।
- DBT: सत्यापन पूरा होते ही अनुदान की राशि सीधे आपके बैंक खाते में भेज दी जाएगी।
”गन्ना की खेती को फायदेमंद बनाने के लिए यंत्रीकरण जरूरी है। हमने किसानों की सुविधा के लिए तिथि बढ़ाई है ताकि चयनित 324 किसान बिना किसी हड़बड़ी के सही यंत्र का चुनाव कर सकें।” — गन्ना उद्योग विभाग, बिहार
VOB का नजरिया: मशीनों से बढ़ेगी मुनाफे की ‘मिठास’
बिहार में गन्ने की खेती अब पारंपरिक हल-बैल के भरोसे नहीं रह सकती। लेबर की कमी और बढ़ती लागत के बीच ये आधुनिक यंत्र किसानों के लिए ‘वरदान’ साबित होंगे। 60% तक की सब्सिडी एक बड़ी मदद है। बस ध्यान रहे कि खरीद 19 मार्च से पहले कर लें, क्योंकि इसके बाद पोर्टल पर परमिट की वैधता खत्म हो सकती है।


