बिहार के कटिहार से बनारस के बीच चलेगी वंदे भारत ट्रेन, मिथिला के सीमांचल वासियों को रेलवे का बड़ा तोहफा

बिहार-यूपी को मिलेगी नई वंदे भारत ट्रेन, बिहार के सीमांचल से यूपी के बीच नई ट्रेन चलाने का प्रस्ताव आया सामने, रेलवे बोर्ड ज़ल्द ही कटिहार से वाराणसी के बीच नई ट्रेन चलाने पर मुहर लगा सकता है।

बिहार को बहुत जल्द एक और नए वंदे भारत ट्रेन का तोहफा मिलने वाला है. ताजा अपडेट के अनुसार इस नई ट्रेन का परिचालन बिहार के कटिहार से उत्तर प्रदेश के बनारस तक किया जाएगा. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि बिहार के सीमांचल से उत्तर प्रदेश के बनारस के बीच ट्रेन चलाने का प्रस्ताव दिया गया है. रेलवे बोर्ड द्वारा बहुत जल्द इस बाबत फैसला लिया जा सकता है।

बिहार के लिए 3 वंदे भारत ट्रेन, तीनों के रूट हुए तय, महज 4 घंटे में पटना से रांची का सफर

बिहार में रेल योजनाओं को विस्तार मिलने वाला है. इसी क्रम में इस बार केंद्रीय बजट में पूर्व-मध्य रेलवे के लिए 10 हजार 232 करोड़ का प्रावधान किया गया है. बिहार में पहले से ही 74 हजार 880 करोड़ की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है. अकेले बिहार की नई-पुरानी रेल परियोजनाओं के लिए आठ हजार 505 करोड़ दिए गए हैं. इसमें बिहार से होकर तीन नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा।

बता दें कि बिहार होकर एक वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पहले से गुजरती है. 30 दिसंबर 2022 से कोलकाता के हावड़ा स्टेशन से असम के न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन के बीच एक वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का परिचालन शुरू हुआ है. यह वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी के बीच बिहार के तीन स्टेशन- बारसोई, मालदा और बोलपुर स्टेशन पर दोनों दिशाओं में रुकती है।

इसमें कटिहार जिले का बारसोई अकेला स्टेशन है, जहां यह ट्रेन दो मिनट के लिए रुकती है. हालांकि यह ट्रेन बारसोई के अलावा किशनगंज स्टेशन होकर भी गुजरती है, लेकिन वहां इसका ठहराव अभी नहीं है. नई ट्रेन पटना से रांची, पटना से हावड़ा तथा वाराणसी से गया-धनबाद होते हुए हावड़ा के लिए तीन नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा।

वंदे भारत ट्रेन से पटना से रांची की सफर चार घंटे में पूरी हो जाएगी. इसे पटना-इलस्लापुर होते हुए रांची के लिए बनी नई लाइन से चलाने की योजना है. इस लाइन से पटना से रांची की दूरी लगभग 50 किलोमीटर कम हो जाएगी. अप्रैल के बाद तीनों ट्रेनों का परिचालन कभी भी शुरू किया जा सकता है. जिस लाइन पर कवच और आटोमैटिक ब्लाक सिग्नल सिस्टम का कार्य पूरा हो चुका है, वहां वंदे भारत की स्पीड 160 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी।

गया रूट में कार्य पूरा कर लिया गया है. वित्तीय वर्ष 2023-24 में पंडित दीनदयाल उपाध्याय से झाझा स्टेशन तक कवच सिस्टम लगाने काम पूरा हो जाएगा. जहां कवच और आटोमैटिक ब्लाक सिग्नल सिस्टम का कार्य पूरा नहीं हुआ है, वहां वंदे भारत की स्पीड 130 किलोमीटर प्रति घंटे होगी।

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