
वैशाली/बेलसर। बिहार के वैशाली जिले से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने रिश्तों की मर्यादा और पुलिसिया सुरक्षा, दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बेलसर थाना क्षेत्र के मौना बिशनपुर गांव में एक गर्भवती महिला की गला दबाकर हत्या करने के आरोपी युवक ने शनिवार की रात पुलिस हिरासत (हाजत) में जहर खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में आरोपी को लालगंज के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया है। फिलहाल आरोपी की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन इस पूरी घटना ने वैशाली पुलिस की कार्यशैली और कैदियों की निगरानी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। 12 अप्रैल 2026 को मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि कड़ी सुरक्षा के बीच हाजत के भीतर आरोपी के पास जहर कहाँ से आया।
वारदात की शुरुआत: शनिवार को आंगन में मिला गर्भवती का शव
इस रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी की शुरुआत शनिवार, 11 अप्रैल को हुई। मौना बिशनपुर गांव में उस समय कोहराम मच गया जब 26 वर्षीय राधा कुमारी का शव उसके अपने ही घर के आंगन में संदिग्ध अवस्था में पड़ा मिला। राधा गर्भवती थी और उसके दो छोटे बच्चे भी हैं। घटना के वक्त घर में कोई पुरुष सदस्य मौजूद नहीं था। राधा का पति, दीपक पटेल, पिछले कई समय से काम के सिलसिले में पुणे में रह रहा है। घर पर केवल राधा, उसके बच्चे और उसकी सास रहती थी।
शनिवार की सुबह जब सास काम पर चली गई और राधा घर में अकेली थी, तभी इस खौफनाक खेल को अंजाम दिया गया। आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले साहिल पटेल ने घर में घुसकर राधा के साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। जब राधा ने अपनी अस्मत बचाने के लिए कड़ा विरोध किया, तो आक्रोशित साहिल ने उसका गला घोंट दिया। दम घुटने के कारण राधा और उसके गर्भ में पल रहे मासूम की मौके पर ही मौत हो गई।
आरोपी की चालाकी: खुद फोन कर पुलिस को दी सूचना
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि हत्या के बाद आरोपी साहिल पटेल ने भागने के बजाय खुद ही पुलिस को फोन किया। उसने पुलिस को सूचना दी कि महिला की मौत हो गई है। सूत्रों के अनुसार, साहिल ने शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और मृतका के ससुराल वालों पर ही आरोप मढ़ने की साजिश रची। हालांकि, जब पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और जांच शुरू की, तो परिस्थितियां कुछ और ही बयां कर रही थीं।
ग्रामीणों और परिजनों से पूछताछ के बाद पुलिस का शक साहिल पटेल पर गहरा गया। पुलिस ने पाया कि साहिल और राधा के बीच पहले से ही किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। वैज्ञानिक साक्ष्यों और स्थानीय इनपुट के आधार पर बेलसर थाना पुलिस ने शनिवार की रात को ही साहिल को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे थाने की हाजत में रखा गया था, जहाँ उसने देर रात आत्मघाती कदम उठा लिया।
पुलिस हाजत में जहर: सुरक्षा व्यवस्था की खुली पोल
गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद थी कि रविवार को आरोपी को जेल भेज दिया जाएगा, लेकिन शनिवार की रात ही उसने पुलिस की सुरक्षा को धता बता दिया। हाजत के भीतर बंद साहिल ने अचानक अपने पास छिपाकर रखा हुआ जहरीला पदार्थ खा लिया। जब संतरी की नजर उस पर पड़ी, तो वह तड़प रहा था। पुलिस कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। उसे तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया।
यह घटना वैशाली पुलिस की गंभीर लापरवाही को दर्शाती है। नियमतः किसी भी आरोपी को हाजत में डालने से पहले उसकी सघन तलाशी ली जाती है ताकि उसके पास कोई हथियार या नशीला पदार्थ न रहे। इसके बावजूद साहिल के पास जहर का पहुँचना यह संकेत देता है कि तलाशी के दौरान भारी चूक हुई। वैशाली एसपी विक्रम सिहाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। एसपी ने पुष्टि की कि युवक ने अपने पैकेट से कुछ निकालकर खाया था, जिसकी पहचान की जा रही है।
प्रेम-प्रसंग बनाम दुष्कर्म का प्रयास: दो पक्षों की अलग कहानियां
इस पूरी घटना के पीछे की असली वजह को लेकर दो अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।
ग्रामीणों और ससुराल पक्ष का दावा: ग्रामीणों का कहना है कि राधा और उसके पड़ोसी साहिल पटेल के बीच पिछले कुछ समय से बातचीत चल रही थी। दीपक के बाहर रहने के कारण साहिल अक्सर राधा के घर के पास देखा जाता था। परिजनों ने जब दोनों को बातचीत करते देखा, तो घर में विवाद हुआ और मामला पंचायत तक पहुँचा। पंचायत ने दोनों को समझा-बुझाकर अलग रहने की हिदायत दी थी। सास का आरोप है कि शनिवार को साहिल ने जबरदस्ती की और विरोध करने पर हत्या कर दी।
मृतका के मायके पक्ष का दावा: मुजफ्फरपुर के कुढ़नी से आए राधा के भाई ने प्रेम-प्रसंग की सभी बातों को सिरे से खारिज कर दिया है। भाई का कहना है कि उसकी बहन चरित्रवान थी और ससुराल में उसे अक्सर प्रताड़ित किया जाता था। भाई ने आरोप लगाया कि राधा अक्सर अपनी मां को ससुराल के झगड़ों की जानकारी देती थी। उनका कहना है कि प्रेम-प्रसंग की कहानी केवल उनकी बहन को बदनाम करने और हत्या की गंभीरता को कम करने के लिए गढ़ी जा रही है।
शादी के सात साल और पुणे में बैठा लाचार पति
राधा और दीपक की शादी सात साल पहले हुई थी। सात सालों के इस सफर में राधा ने दो बच्चों को जन्म दिया और तीसरी बार मां बनने वाली थी। दीपक पटेल अपने परिवार के बेहतर भविष्य के लिए हजारों किलोमीटर दूर पुणे में पसीना बहा रहा था, उसे क्या पता था कि जिस घर की सुरक्षा की जिम्मेदारी उसने पड़ोसियों और परिजनों पर छोड़ी है, वहीं उसकी पत्नी और अजन्मे बच्चे की जान ले ली जाएगी।
शनिवार की दोपहर जब दीपक को फोन पर इस खबर की जानकारी मिली, तो उस पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वह पुणे से वैशाली के लिए रवाना हो चुका है। दीपक के आने के बाद ही अंतिम संस्कार और आगे की कानूनी कार्रवाई में और स्पष्टता आने की उम्मीद है। फिलहाल गांव में तनाव का माहौल है और साहिल पटेल के घर के लोग भी डरे हुए हैं।
पुलिसिया जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
वैशाली पुलिस ने राधा के शव को पोस्टमार्टम के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल भेज दिया है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट इस केस की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी, क्योंकि इससे यह स्पष्ट होगा कि हत्या से पहले दुष्कर्म या हाथापाई हुई थी या नहीं। पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं।
एसपी विक्रम सिहाग ने बताया कि आरोपी साहिल की स्थिति अब खतरे से बाहर है। पुलिस की एक विशेष टीम पटना में उसकी निगरानी कर रही है। जैसे ही वह पूरी तरह स्वस्थ होगा, उससे कड़ी पूछताछ की जाएगी। पुलिस इस बात की भी कड़ी जांच कर रही है कि क्या साहिल ने पुलिस को फंसाने के लिए जहर खाया या फिर वह अपराधबोध (Guilt) में था।
सामाजिक ढांचे का गिरता स्तर
वैशाली की यह घटना केवल एक अपराध नहीं है, बल्कि यह हमारे गिरते सामाजिक मूल्यों का दर्पण भी है। एक पड़ोसी जो रक्षक होना चाहिए था, वही भक्षक बन गया। एक गर्भवती महिला की जान ले लेना जघन्यतम अपराध की श्रेणी में आता है। साथ ही, पुलिस अभिरक्षा में सुसाइड का प्रयास यह बताता है कि अपराधियों के मन में कानून का डर तो है, लेकिन पुलिस की सतर्कता में अभी भी बड़ी सेंध मौजूद है।
राधा के दो मासूम बच्चे, जिन्हें अभी यह भी नहीं पता कि उनकी मां अब कभी वापस नहीं आएगी, वे इस पूरी व्यवस्था से इंसाफ मांग रहे हैं। उम्मीद है कि वैशाली पुलिस इस मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच करेगी और दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाएगी। साथ ही, हाजत में हुई इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


