
उन्नाव: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में मंगलवार सुबह लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर एक दर्दनाक सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। तेज रफ्तार से जा रही एक डबल डेकर एसी बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर चीख-पुकार मच गई। इस दुर्घटना में बिहार पुलिस के एक दारोगा और एक कैदी समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 15 यात्री घायल हो गए। घायलों में तीन पुलिसकर्मी भी शामिल बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार हादसा मंगलवार सुबह करीब पांच बजे औरास थाना क्षेत्र में एक्सप्रेस-वे के किलोमीटर संख्या 262 के पास हुआ। बताया जा रहा है कि बस बिहार लौट रही थी और उसमें करीब 30 यात्री सवार थे। हादसे के बाद एक्सप्रेस-वे पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों ने तुरंत पुलिस तथा एंबुलेंस को सूचना दी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस चालक को झपकी आने की वजह से यह दुर्घटना हुई हो सकती है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक बस काफी तेज रफ्तार में चल रही थी। इसी दौरान चालक ने नियंत्रण खो दिया और बस डिवाइडर से टकराने के बाद पलट गई। हादसे के बाद बस एक्सप्रेस-वे की रेलिंग पर जाकर अटक गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसा इतना अचानक हुआ कि यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कई यात्री सीटों से उछलकर बस के अंदर घायल हो गए, जबकि कुछ लोग खिड़कियों से बाहर जा गिरे। दुर्घटना के बाद आसपास के लोगों ने राहत कार्य शुरू किया और घायलों को बस से बाहर निकालने में मदद की।
मृतकों में बिहार के सीवान पुलिस लाइन में तैनात दारोगा रामचंद्र राम की पहचान हो चुकी है। उनकी उम्र करीब 59 वर्ष बताई जा रही है। इसके अलावा गुरुग्राम निवासी कैदी छत्तरपाल सिंह तोमर की भी हादसे में मौत हो गई। तीन अन्य मृतकों की पहचान फिलहाल नहीं हो सकी है। पुलिस शवों की पहचान कराने की प्रक्रिया में जुटी हुई है।
बताया जा रहा है कि सीवान पुलिस की एक टीम कैदी को पेशी के लिए हरियाणा के गुरुग्राम लेकर गई थी। कोर्ट में पेशी पूरी होने के बाद पुलिस टीम कैदी को लेकर वापस बिहार लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में यह हादसा हो गया।
हादसे में घायल लोगों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है, जबकि अन्य घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ यात्रियों की हालत गंभीर बनी हुई है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, यूपीडा की टीम और कई एंबुलेंस मौके पर पहुंच गईं। राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया। पुलिस ने एक्सप्रेस-वे पर यातायात को नियंत्रित कर घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने का काम किया।
दुर्घटना के कारण कुछ समय के लिए एक्सप्रेस-वे पर लंबा जाम लग गया। बाद में क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बस को हटाया गया और यातायात सामान्य कराया गया। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने पूरे घटनास्थल का निरीक्षण किया और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि चालक की लापरवाही और नींद की वजह से हादसा होने की आशंका है। हालांकि तकनीकी जांच के बाद ही दुर्घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो पाएगी। बस के ब्रेक और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच कराई जाएगी।
इस हादसे ने एक बार फिर लंबी दूरी की बस सेवाओं में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार लंबे समय तक वाहन चलाने वाले ड्राइवरों के लिए पर्याप्त आराम बेहद जरूरी है। नींद और थकान सड़क हादसों की बड़ी वजह बनती जा रही है।
राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेस-वे पर पिछले कुछ वर्षों में इस तरह की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। तेज रफ्तार, ड्राइवर की लापरवाही और थकान कई बड़े हादसों की वजह बनते रहे हैं। इसके बावजूद परिवहन कंपनियां कई बार सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज करती दिखाई देती हैं।
हादसे के बाद मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। बिहार पुलिस विभाग में भी इस घटना के बाद शोक का माहौल है। सीवान पुलिस लाइन में तैनात जवानों ने दारोगा रामचंद्र राम के निधन पर दुख जताया है।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि घायलों को हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जिला प्रशासन की टीम अस्पतालों में लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त मेडिकल सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
घटना के बाद एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा और निगरानी को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि लंबी दूरी तय करने वाले भारी वाहनों और बसों की नियमित जांच जरूरी है ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ड्राइवरों के लिए पर्याप्त विश्राम, गति नियंत्रण और नियमित मेडिकल जांच को अनिवार्य किया जाना चाहिए। साथ ही एक्सप्रेस-वे पर निगरानी प्रणाली को और मजबूत करने की जरूरत है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। मृतकों की पहचान और घायलों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्नाव का यह हादसा एक बार फिर यह याद दिला गया कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही भी कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।


