
बक्सर, सोमवार (06 अप्रैल 2026): बिहार के बक्सर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सामाजिक मान्यताओं और पारंपरिक सोच को लेकर नई बहस छेड़ दी है। यहां दो युवतियों ने आपसी सहमति से विवाह कर लिया। यह विवाह न सिर्फ इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है, बल्कि अब दोनों ने अपनी सुरक्षा को लेकर प्रशासन से मदद भी मांगी है।
रामरेखा घाट पर हुआ पारंपरिक विवाह
जानकारी के अनुसार, डुमरांव अनुमंडल के बगेन थाना क्षेत्र की रहने वाली 18 वर्षीय युवती और 32 वर्षीय महिला (दोनों के नाम गोपनीय) ने बक्सर के ऐतिहासिक रामरेखा घाट पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह किया। इस दौरान स्थानीय लोगों की भीड़ भी मौके पर जुट गई और कई लोग इस घटना के साक्षी बने।
पहले विंध्याचल में, फिर बक्सर में शादी
बताया जा रहा है कि दोनों ने 4 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के विंध्याचल मंदिर में पहली बार शादी की थी। इसके बाद 6 अप्रैल को बक्सर में दोबारा पूरे विधि-विधान के साथ विवाह संपन्न किया गया, जिससे यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया।
सोशल मीडिया से शुरू हुआ रिश्ता
दोनों के बीच यह संबंध सोशल मीडिया के माध्यम से शुरू हुआ। वीडियो और रील बनाने के दौरान दोनों की पहचान हुई, जो धीरे-धीरे दोस्ती और फिर प्रेम में बदल गई। साथ समय बिताने के दौरान दोनों ने एक साथ जीवन बिताने का फैसला किया।
परिवार से मिल रही धमकियां, मांगी सुरक्षा
विवाह के बाद दोनों युवतियों ने आरोप लगाया है कि उनके परिवार के लोग इस रिश्ते से नाराज हैं और उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है और कहा है कि वे अब अपने घर नहीं लौटना चाहतीं।
स्थानीय स्तर पर मिश्रित प्रतिक्रिया
इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और प्रेम का अधिकार मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे सामाजिक परंपराओं के विपरीत बता रहे हैं।
प्रशासन की भूमिका अहम
ऐसे मामलों में प्रशासन के लिए सबसे बड़ी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और कानून के दायरे में रहकर आवश्यक कार्रवाई करना होता है। फिलहाल, यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का केंद्र बना हुआ है और लोग इसे अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं।


