केंद्रीय बजट 2026-27: बिहार को ‘विकसित राज्य’ बनाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम

कर हिस्सेदारी में रिकॉर्ड ₹1.51 लाख करोड़, 12 साल में मिले ₹12.5 लाख करोड़

पटना। केंद्रीय बजट 2026-27 में बिहार के लिए अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक सौगात का ऐलान हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने राज्य को कर हिस्सेदारी के रूप में ₹1.51 लाख करोड़ देने का प्रावधान किया है। इसके साथ ही अनुदान सहायता और विशेष ऋण को जोड़ दें तो 2014 से 2026 के बीच बिहार को कुल ₹12.52 लाख करोड़ से अधिक की केंद्रीय मदद मिल चुकी है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक,

  • कर हस्तांतरण: ₹9.72 लाख करोड़
  • अनुदान सहायता: ₹2.80 लाख करोड़
  • ब्याज-मुक्त विशेष ऋण (50 वर्षों के लिए): ₹40,441 करोड़

यह रकम बिहार के इतिहास में किसी भी अवधि में केंद्र से मिली सबसे बड़ी सहायता मानी जा रही है।


सड़क से रेल तक बदली तस्वीर

बिहार में बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर बीते कुछ वर्षों में ऐतिहासिक बदलाव हुए हैं।

सड़क नेटवर्क

  • 6,155 किमी से ज्यादा राष्ट्रीय राजमार्ग तैयार
  • औंटा–सिमरिया 6-लेन पुल (₹1,870 करोड़) से उत्तर-दक्षिण बिहार की दूरी घटी
  • बख्तियारपुर–मोकामा 4-लेन (₹1,900 करोड़)
  • भारतमाला परियोजना में 1,572 किमी कॉरिडोर (₹46,418 करोड़)

रेल क्रांति

  • 6 वंदे भारत ट्रेनें बिहार में चल रही
  • 98 स्टेशन अमृत भारत स्टेशन के रूप में विकसित
  • 100% रेल विद्युतीकरण
  • 490 से ज्यादा रेल फ्लाईओवर/अंडरब्रिज
  • 55 नई रेल परियोजनाएं (₹79,356 करोड़)

मेट्रो, हवाई अड्डे और जलमार्ग

  • पटना मेट्रो: 32 किमी लाइन, ₹13,365 करोड़
  • पूर्णिया एयरपोर्ट नया टर्मिनल, पहली उड़ान शुरू
  • दरभंगा एयरपोर्ट उड़ान योजना में
  • बिहटा सिविल एन्क्लेव: ₹1,413 करोड़
  • कालुघाट जलमार्ग टर्मिनल: 77,000 टीईयू क्षमता

स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन में निवेश

  • AIIMS दरभंगा (₹1,260 करोड़)
  • गया में अस्पताल व शोध केंद्र
  • 8 नए मेडिकल कॉलेज
  • नालंदा विश्वविद्यालय, IIT पटना, IIM बोधगया का विस्तार
  • पटना साहिब और विष्णुपद मंदिर में ₹45 करोड़ से अधिक का विकास

ऊर्जा और उद्योग

  • बक्सर ताप विद्युत संयंत्र (660 मेगावाट)
  • पीरपैंती में 2,400 मेगावाट परियोजना
  • बरौनी रिफाइनरी विस्तार
  • HURL उर्वरक संयंत्र

योजनाओं से बदली ज़िंदगी

  • 6.73 करोड़ जनधन खाते
  • 4.13 करोड़ आयुष्मान कार्ड
  • 1.60 करोड़ घरों में नल से जल
  • 1.16 करोड़ उज्ज्वला गैस कनेक्शन
  • 871 लाख पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना लाभार्थी

निष्कर्ष
केंद्रीय बजट 2026-27 ने साफ कर दिया है कि बिहार अब केवल पिछड़े राज्य की पहचान से बाहर निकलकर पूर्वी भारत के विकास इंजन के रूप में उभर रहा है। सड़क, रेल, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा और रोजगार—हर क्षेत्र में निवेश की यह बाढ़ बिहार को ‘विकसित भारत’ के सपने का मजबूत आधार बना रही है।

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