यूनेस्को ने दीपावली को विश्व धरोहर घोषित किया, भारत की सांस्कृतिक विरासत को मिला वैश्विक सम्मान

भारत के लिए गर्व का क्षण सामने आया है। यूनेस्को ने दीपावली को “मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत” के रूप में मान्यता दे दी है। यह निर्णय दिल्ली के लाल किला परिसर में आयोजित यूनेस्को की अहम बैठक में लिया गया।

यह भारत की 16वीं सांस्कृतिक परंपरा है जिसे विश्व समुदाय ने अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के रूप में सम्मानित किया है।
घोषणा होते ही पूरा हॉल वंदे मातरम् और भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा।

इस ऐतिहासिक क्षण के दौरान केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, भारतीय प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों संग पारंपरिक पगड़ी पहनकर समारोह में उपस्थित थे।
भारत पहली बार यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत समिति के सत्र की मेजबानी कर रहा है, ऐसे में यह उपलब्धि और भी खास हो गई।

मंत्री शेखावत ने कहा कि दीपावली सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि “तमसो मा ज्योतिर्गमय” का सार्वभौमिक संदेश लिए हुए है—अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने की प्रेरणा।
उन्होंने यह भी कहा कि कुम्हारों, कारीगरों और परंपरा से जुड़े लाखों लोगों के हाथों ने पीढ़ियों से इस विरासत को जीवित रखा है, और आज इसकी वैश्विक मान्यता उन्हीं के परिश्रम का परिणाम है।

 

  • Related Posts

    T20 WC 2026: वानखेड़े में ‘महायुद्ध’! इंग्लैंड ने जीता टॉस, भारत को दी पहले बल्लेबाजी की चुनौती; सूर्या के ‘शूरवीर’ तैयार

    Share Add as a preferred…

    Continue reading
    “लाठियां खाईं, संघर्ष किया… अब देश को मिलेगा लाभ”— नीतीश के राज्यसभा जाने पर भावुक हुए अश्विनी चौबे; बधाई देते हुए साझा किए पुराने संस्मरण

    Share Add as a preferred…

    Continue reading