उड़ान योजना: क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ाकर लाखों लोगों की पहुंच बना रही आसान

केंद्र सरकार ने बताया कि उड़ान योजना ने नागरिक उड्डयन क्षेत्र को बढ़ावा दिया है, जिससे क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाकर हवाई यात्रा में बदलाव आया है और लाखों लोगों के लिए इसे आसान बनाया है।17 नवंबर को घरेलू विमानन क्षेत्र ने एक ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया, जब एक ही दिन में 5,05,412 घरेलू यात्रियों ने हवाई यात्रा की। यह पहली बार था जब दैनिक यात्रियों की संख्या 5 लाख के आंकड़े को पार कर गई।

विमानन क्षेत्र में भारत के बढ़ते कदम 

देशभर में 3,100 से अधिक उड़ानों के संचालन के साथ यह उपलब्धि वैश्विक विमानन परिदृश्य में भारत की बढ़ती प्रमुखता को दर्शाती है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा, “उड़ान योजना इस परिवर्तन में महत्वपूर्ण रही है, जिसने हेलीकॉप्टर सेवाओं सहित 609 मार्गों को चालू किया है और देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्बाध रूप से जोड़ा है।”

उड़ान योजना एक ऐतिहासिक मील का पत्थर

हेलीकॉप्टर मार्गों और अंतिम मील कनेक्टिविटी जैसी निरंतर प्रगति के साथ उड़ान ने आकांक्षाओं और पहुंच के बीच की खाई को पाट दिया है, जिससे भारत के विमानन परिदृश्य में नया बदलाव आया है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “निरंतर प्रगति अब एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बन गई है, जो इस योजना के दूरगामी प्रभाव को दर्शाता है।”

क्या है उड़ान और इसके उद्देश्य

बता दें कि उड़ान योजना 21 अक्टूबर 2016 को शुरू की गई थी। पहली उड़ान 27 अप्रैल 2017 को शिमला से दिल्ली को जोड़ते हुए रवाना हुई। उड़ान 5.0 सीरीज (5.0 से 5.4) ने प्रमुख प्रगति की, जिसमें दूरी की सीमा को पाटना, परिचालन हवाई अड्डों को प्राथमिकता देना, हेलीकॉप्टर और छोटे विमानों की कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना और बंद किए गए मार्गों को फिर से सक्रिय करना, पूरे भारत में अंतिम मील हवाई संपर्क और वहनीयता सुनिश्चित करना शामिल है।

क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस)-उड़ान ने भारत में नागरिक उड्डयन उद्योग को पुनर्जीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। फ्लाईबिग, स्टार एयर, इंडियावन एयर और फ्लाई91 जैसे क्षेत्रीय वाहक इस योजना से लाभान्वित हुए हैं, उन्होंने स्थायी व्यवसाय मॉडल विकसित किए हैं और क्षेत्रीय हवाई यात्रा के लिए एक उभरते पारिस्थितिकी तंत्र में योगदान दिया है। इस बीच सरकार द्वारा ‘उड़ान’ नामक क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना को 10 और वर्षों के लिए बढ़ाए जाने से देश के वंचित क्षेत्रों में हवाई सेवा से वंचित मार्गों में और सुधार आएगा तथा आम नागरिकों की आकांक्षाएं पूरी होंगी। इस योजना के तहत, 609 मार्ग और 86 हवाई अड्डे चालू हैं, तथा इस योजना से (अक्टूबर तक) 1.44 करोड़ यात्री लाभान्वित हुए हैं।

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