विश्व चिम्पांजी दिवस पर वन मंत्री ने दी जानकारी, मानसून में 4.9 करोड़ पौधारोपण का भी लक्ष्य
पटना, 15 जुलाई 2025:राजधानी पटना स्थित संजय गांधी जैविक उद्यान (पटना चिड़ियाघर) में जल्द ही अफ्रीका से चिम्पांजियों का एक नया जोड़ा लाया जाएगा। यह जानकारी सोमवार को विश्व चिम्पांजी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बिहार के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. सुनील कुमार ने दी।
वन मंत्री ने बताया कि अफ्रीका के कांगो के जंगलों से चिम्पांजियों को लाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह जोड़ा जल्द ही पटना के जैविक उद्यान में प्रदर्शित होगा, जहां पहले से कार्तिक और सुभद्रा नामक चिम्पांजियों की एक जोड़ी रह रही है।
“चिम्पांजी इंसानों के सबसे करीबी प्रजातियों में गिने जाते हैं। इनमें भावनाएं होती हैं, ये औजारों का प्रयोग करते हैं, और इंसानों की तरह हंसते-रोते भी हैं,” — डॉ. सुनील कुमार, वन मंत्री, बिहार
2012 में आए थे पहले चिम्पांजी
पटना के चिड़ियाघर में चिम्पांजी पहली बार वर्ष 2012 में ओडिशा के नंदन कानन जूलॉजिकल पार्क से लाए गए थे। इनका नाम कार्तिक और सुभद्रा रखा गया था। मंत्री ने इन दोनों का हाल जाना और उनके रखरखाव में लगे कर्मियों से बातचीत भी की।
वन मंत्री ने यह भी साझा किया कि सर्दी के मौसम में इन चिम्पांजियों को कंबल दिए जाते हैं, जिन्हें वे खुद ओढ़ लेते हैं, जो उनकी इंसानों जैसी प्रवृत्तियों को दर्शाता है।
हरियाली को बढ़ावा देने का संकल्प
कार्यक्रम में मंत्री ने बताया कि इस वर्ष मुख्यमंत्री वन महोत्सव के अंतर्गत 4 करोड़ 90 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
“लोग सिर्फ पौधे न लगाएं, बल्कि उनके संरक्षण का भी जिम्मा लें। वृक्षारोपण के साथ ही हरित आवरण को बचाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है,” — डॉ. सुनील कुमार
उपस्थित अधिकारी
इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अपर मुख्य सचिव हरजोत कौर बम्हरा, पीसीसीएफ प्रभात कुमार गुप्ता, और संजय गांधी जैविक उद्यान के निदेशक हेमंत पाटिल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
संजय गांधी जैविक उद्यान बिहार का सबसे बड़ा और देश के प्रमुख जैविक उद्यानों में शामिल है। नए चिम्पांजियों के आगमन से यहां की जैव विविधता और दर्शनीयता दोनों को नया आयाम मिलेगा।


