भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को मिला सम्मान

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो का पहला सतर्कता सम्मान समारोह सम्पन्न, 2025 में 51 केस दर्ज

पटना, 15 जुलाई 2025:बिहार सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा सोमवार को पहली बार “प्रथम सतर्कता सम्मान समारोह 2025 सह कार्यशाला” का आयोजन किया गया। समारोह में भ्रष्ट लोकसेवकों को रंगेहाथ पकड़वाने वाले आम नागरिकों को सम्मानित किया गया।

पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महानिदेशक जितेंद्र सिंह गंगवार ने की, जबकि आईजी गरिमा मलिक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


2025 में रिकॉर्ड स्तर पर कार्रवाई

महानिदेशक गंगवार ने बताया कि वर्ष 2025 के पहले छह महीनों में ही 51 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 45 लोकसेवकों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। वर्ष 2024 की तुलना में यह संख्या चार गुना से भी अधिक है।

उन्होंने कहा कि अब हर तीन महीने पर सतर्कता सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा ताकि ईमानदार नागरिकों को प्रोत्साहन मिल सके।


प्रमुख गिरफ्तारियाँ और विभागवार आंकड़े

  • आय से अधिक संपत्ति: 6 मामले, 7 अभियुक्त
  • पद का दुरुपयोग: 3 मामले, 21 अभियुक्त
  • प्रमुख गिरफ्तारियाँ:
    • अजय कुमार मंडल, राजस्व कर्मचारी, मधुबनी
    • अजय कुमार, कार्यपालक अभियंता, पूर्वी चंपारण
    • आकाश कुमार दास, कंप्यूटर ऑपरेटर, सासाराम
    • निरंजन प्रसाद दांगी, अमीन, किशनगंज
    • रौशन कुमार सिंह, पुलिस अवर निरीक्षक, मुजफ्फरपुर

विभागवार गिरफ्तारियाँ (जनवरी-जून 2025):

  • राजस्व विभाग: 15
  • पुलिस विभाग: 12
  • ग्रामीण विकास व शिक्षा विभाग: 3-3
  • स्वास्थ्य विभाग: 2
  • अन्य विभाग (जैसे ऊर्जा, नगर निगम): 1-1

सम्मानित नागरिकों की प्रेरणादायक गाथाएं

सिकंती देवी (भोजपुर): पंजीकृत मजदूर होने के नाते बेटी की शादी में मिलने वाली सहायता के लिए फॉर्म भरा था। श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी ने 10,000 रुपये की रिश्वत मांगी, जिसे मना कर निगरानी ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई। आरोपी रंगेहाथ पकड़ा गया।

कामेश ठाकुर (सीतामढ़ी): राजस्व कर्मचारी ने दाखिल-खारिज के लिए 51,000 रुपये रिश्वत मांगी। उन्होंने ब्यूरो में शिकायत की और भ्रष्ट कर्मचारी को पकड़वाया।


सम्मानित नागरिक

कार्यक्रम में जिन नागरिकों को सम्मानित किया गया, उनमें शामिल हैं:
नीरज कुमार, संतोष कुमार, अवधेश प्रसाद सिन्हा, कामेश ठाकुर, अनिल कुमार राय, गौरी शंकर सिंह, सिकंती देवी और रवि कुमार


आईजी गरिमा मलिक का संदेश

“भ्रष्टाचार उन्मूलन में जनता की भूमिका सबसे अहम है। ऐसे सतर्क नागरिकों को सम्मानित कर हम एक मजबूत जनसहभागिता की नींव रख रहे हैं।”


उपस्थित अधिकारी

कार्यक्रम में डीआईजी नवीन कुमार झा, डीआईजी मृत्युंजय कुमार सहित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के कई अधिकारी मौजूद रहे।


विशेष: यह आयोजन बिहार में जनभागीदारी आधारित भ्रष्टाचार विरोधी अभियान की नई शुरुआत मानी जा रही है, जो समाज में सतर्क नागरिक संस्कृति को मजबूती देगा।


 

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