पीएम किसान सम्मान निधि लेने का मामला, 4 साल बाद हुई कार्रवाई
जमुई। सरकारी सेवा में रहते हुए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के मामले में जिले के दो प्रधान शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ने की है। मामला लक्ष्मीपुर और बरहट प्रखंड से जुड़ा है।
2022 में हुई थी शिकायत
इस घोटाले की शिकायत वर्ष 2022 में आरटीआई कार्यकर्ता संजय कुमार ने की थी। उन्होंने नजारी गांव निवासी शंकर दास और सिकंदरा के जानसीडीह निवासी छोटू कुमार पर सरकारी सेवा में रहते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि समेत अन्य योजनाओं का लाभ लेने का आरोप लगाया था।
चार साल बाद हुई कार्रवाई पर संजय कुमार ने कहा कि “आखिरकार न्याय की जीत हुई है।”
हाई कोर्ट जाने के बाद बढ़ी कार्रवाई
संजय कुमार ने इस मामले की शिकायत जिला शिक्षा पदाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री और मानवाधिकार आयोग तक की, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, तब जाकर जांच और कार्रवाई में तेजी आई।
छोटू कुमार का दोहरा पता
जांच में सामने आया कि छोटू कुमार ने
- पीएम किसान का लाभ ननिहाल (नजारी) के पते पर लिया
- राशन कार्ड पैतृक गांव जानसीडीह के पते पर बनवाया
नौकरी के कागजात में पिता का नाम राजकुमार दास और सरकारी योजना में राजो दास दर्ज कराया गया था। राशन कार्ड भी बाद में रद कर दिया गया है।
छोटू पहले उत्क्रमित मध्य विद्यालय सिंधिया में पदस्थापित थे। फिलहाल वे नवसृजित प्राथमिक विद्यालय कटौना में प्रधान शिक्षक हैं। निलंबन के बाद उनका मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र, बरहट तय किया गया है।
शंकर दास भी कार्रवाई की जद में
शंकर दास उस समय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, हरणी (खैरा) में कार्यरत थे। फिलहाल वे नवसृजित प्राथमिक विद्यालय कोहबरवा मुसहरी में प्रधान शिक्षक हैं। निलंबन के बाद उनका मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र, लक्ष्मीपुर बनाया गया है।
आरोप पत्र भी होंगे जारी
दोनों शिक्षकों के खिलाफ अलग-अलग आरोप पत्र भी जारी किए जाएंगे। जिला शिक्षा पदाधिकारी दया शंकर ने निलंबन की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले में विभागीय कार्रवाई जारी रहेगी।


