चीन में फैक्ट्री और भारत से हायरिंग पर ट्रंप ने अमेरिकी टेक कंपनियों को घेरा

AI शिखर सम्मेलन में बोले पूर्व राष्ट्रपति, अमेरिका में नौकरियां लाने की वकालत

वॉशिंगटन, 25 जुलाई — पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन में फैक्ट्री खोलने और भारत से कर्मचारियों की भर्ती करने के लिए अमेरिकी टेक कंपनियों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनके राष्ट्रपति कार्यकाल में ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।

AI सम्मेलन में दिया बयान

ट्रंप ने यह बयान बुधवार को आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शिखर सम्मेलन के दौरान दिया, जहां उन्होंने एआई से जुड़ी तीन कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए। इन आदेशों में व्हाइट हाउस की ओर से एआई के इस्तेमाल को लेकर नई कार्ययोजना भी शामिल है।

‘रैडिकल ग्लोबलिज्म’ पर निशाना

अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा, “लंबे समय तक अमेरिका की कई बड़ी टेक कंपनियां रैडिकल ग्लोबलिज्म की राह पर चलती रहीं। इसका असर यह हुआ कि लाखों अमेरिकी खुद को ठगा हुआ और बेरोजगार महसूस करने लगे।”

अमेरिकी नौकरियों को प्राथमिकता की बात

ट्रंप ने दो टूक कहा कि उनकी नीति अमेरिका की कंपनियों को देश के भीतर ही निवेश और स्थानीय नागरिकों को रोजगार देने के लिए बाध्य करने की होगी। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में विकास का लाभ सबसे पहले अमेरिकी नागरिकों को मिलना चाहिए।


 

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