भागलपुर।विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर व्यवहार न्यायालय, भागलपुर परिसर में एक भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के पदाधिकारीगण तथा न्यायालय के कर्मचारीगण सक्रिय रूप से शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत वृक्षारोपण की प्रक्रिया से हुई। इस दौरान तुलसी, गिलोय, नीम, अश्वगंधा, एलोवेरा जैसे दर्जनों औषधीय पौधे तथा आम, अमरूद, जामुन, नींबू और कटहल जैसे फलदार वृक्ष न्यायालय परिसर के विभिन्न हिस्सों में लगाए गए।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश
इस मौके पर NALSA और DLSA के पदाधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण एक अत्यंत प्रभावी उपाय है। वृक्ष न केवल वायुमंडल को शुद्ध करते हैं, बल्कि छाया प्रदान कर तापमान को नियंत्रित करने में भी सहायक होते हैं।
न्यायालय परिसर को बनाया जाएगा हराभरा और शांतिपूर्ण
अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यावरणीय हरियाली बढ़ाना, गर्मी के प्रभाव को कम करना और न्यायालय परिसर को एक हरा-भरा व शांतिपूर्ण वातावरण बनाना है। साथ ही, औषधीय पौधों के माध्यम से आम नागरिकों को आयुर्वेदिक लाभ भी मिलेगा।
संरक्षण का लिया संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण की जिम्मेदारी लेने का संकल्प लिया। इस मौके पर न्यायालय परिसर हरियाली और पर्यावरणीय चेतना का केंद्र बिंदु बन गया।


