
कोलकाता, 27 अप्रैल। उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल अंतर्गत जौनपुर जंक्शन स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग कार्य के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग एवं इंटरलॉकिंग कार्य किए जाने के कारण कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के मार्ग में अस्थायी परिवर्तन किया गया है। यह कार्य 4 मई 2026 से 27 मई 2026 तक चलेगा, जिसके दौरान ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा और यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों से यात्रा करनी होगी। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है।
रेलवे द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस अवधि में विभिन्न लंबी दूरी की ट्रेनों को जौनपुर स्टेशन के बजाय अन्य मार्गों से चलाया जाएगा। इस बदलाव का उद्देश्य यार्ड आधुनिकीकरण कार्य को सुरक्षित और सुचारू रूप से पूरा करना है, जिससे भविष्य में ट्रेनों का संचालन अधिक बेहतर और व्यवस्थित हो सके।
सबसे पहले 22323 कोलकाता–गाजीपुर सिटी शबदभेदी एक्सप्रेस, जो 7, 14 और 21 मई 2026 को अपने निर्धारित समय पर चलेगी, को बदले हुए मार्ग से चलाया जाएगा। इसी तरह 22324 गाजीपुर सिटी–कोलकाता शबदभेदी एक्सप्रेस, जो 15 और 22 मई 2026 को चलेगी, भी अपने नियमित मार्ग से हटकर वैकल्पिक मार्ग से संचालित होगी। इन दोनों ट्रेनों को दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन – वाराणसी – वाराणसी सिटी – औनरीहार मार्ग से चलाया जाएगा। इसके चलते जौनपुर स्टेशन पर इन ट्रेनों का ठहराव अस्थायी रूप से रद्द रहेगा।
इसी क्रम में 15743 बालुरघाट–भटिंडा फरक्का एक्सप्रेस, जो 12, 13, 15, 17, 19, 20, 22, 24 और 26 मई 2026 को यात्रा करेगी, तथा 15744 भटिंडा–बालुरघाट फरक्का एक्सप्रेस, जो 14, 15, 17, 19, 21, 22, 24 और 26 मई 2026 को संचालित होगी, को भी परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा। इन ट्रेनों को जफराबाद – सुल्तानपुर – लखनऊ मार्ग से चलाया जाएगा। इसके कारण जौनपुर, शाहगंज, मलीपुर, अकबरपुर, गोसाईंगंज, अयोध्या धाम, अयोध्या कैंट, सोहावल, रुदौली, दरियाबाद और बाराबंकी जैसे प्रमुख स्टेशनों पर इनका ठहराव अस्थायी रूप से बंद रहेगा।
इसके अलावा 13009 हावड़ा–योग नगरी ऋषिकेश दून एक्सप्रेस और 13010 योग नगरी ऋषिकेश–हावड़ा दून एक्सप्रेस, जो 12 मई से 26 मई 2026 के बीच संचालित होंगी, को भी बदले हुए मार्ग से चलाया जाएगा। ये ट्रेनें वाराणसी – एमबीडी प्रतापगढ़ – लखनऊ मार्ग से चलेंगी, जबकि सामान्यतः ये वाराणसी – अयोध्या कैंट – लखनऊ मार्ग से संचालित होती हैं। इस बदलाव के कारण बाबतपुर, खलीसपुर, जलालगंज, जफराबाद, जौनपुर, शाहगंज, बिलवाई, मलीपुर, अकबरपुर, गोसाईंगंज, अयोध्या धाम, अयोध्या कैंट, सोहावल, रुदौली, दरियाबाद, सबदरगंज और बाराबंकी स्टेशनों पर इन ट्रेनों का ठहराव नहीं होगा।
रेलवे ने यह भी जानकारी दी है कि 3 और 4 मई 2026 को संचालित होने वाली 13009 हावड़ा–योग नगरी ऋषिकेश दून एक्सप्रेस और 15744 भटिंडा–बालुरघाट फरक्का एक्सप्रेस को मार्ग में लगभग 30 मिनट के लिए नियंत्रित (रेगुलेट) किया जाएगा। इससे इन ट्रेनों के समय में थोड़ी देरी हो सकती है, जिसके लिए यात्रियों को पहले से तैयार रहने की सलाह दी गई है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य जौनपुर जंक्शन के यार्ड के आधुनिकीकरण और बेहतर संचालन के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस कार्य के पूरा होने के बाद ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुरक्षित और सुगम हो जाएगी। साथ ही, ट्रेनों की समयबद्धता में भी सुधार आने की उम्मीद है।
यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने सभी संबंधित स्टेशनों पर सूचना बोर्ड, अनाउंसमेंट और हेल्प डेस्क की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले अपने ट्रेन की स्थिति और रूट की जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन के माध्यम से अवश्य प्राप्त कर लें।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के यार्ड रिमॉडलिंग और इंटरलॉकिंग कार्य रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए बेहद जरूरी हैं। हालांकि इससे कुछ समय के लिए यात्रियों को असुविधा होती है, लेकिन दीर्घकालिक दृष्टि से यह कदम रेलवे सेवाओं को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाता है।
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने की बात कही है। कार्य के दौरान ट्रेन संचालन को नियंत्रित तरीके से किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना या असुविधा से बचा जा सके।
अंततः, यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा की योजना बनाते समय इन परिवर्तनों को ध्यान में रखें और रेलवे द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। यह अस्थायी बदलाव भविष्य में बेहतर और सुरक्षित रेल सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे यात्रियों को लंबे समय तक लाभ मिलेगा।


