बिहार के दो IAS दिल्ली रवाना; चंद्रशेखर सिंह को कई विभागों का प्रभार

पटना। बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था में सोमवार, 27 अप्रैल 2026 को एक बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। राज्य सरकार ने अपनी प्रशासनिक मशीनरी के दो अत्यंत महत्वपूर्ण और अनुभवी स्तंभों को केंद्र सरकार में नई जिम्मेदारियां निभाने के लिए अपनी मंजूरी देते हुए विरमित (Relieve) कर दिया है। बिहार कैडर के इन दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के दिल्ली जाने के बाद राज्य के कई महत्वपूर्ण विभागों में नेतृत्व का वैक्यूम (खालीपन) पैदा हो गया था, जिसे भरने के लिए सरकार ने तात्कालिक तौर पर अन्य सक्षम अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपे हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सोमवार शाम जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव अनुपम कुमार और समाज कल्याण विभाग की सचिव बंदना प्रेयषी अब केंद्रीय मंत्रालयों में संयुक्त सचिव के रूप में अपनी सेवाएं देंगे। इस निर्णय के साथ ही मुख्यमंत्री सचिवालय में तैनात डॉ. चंद्रशेखर सिंह के कंधों पर जिम्मेदारी का बोझ काफी बढ़ गया है, क्योंकि उन्हें एक साथ कई बड़े विभागों का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

अनुपम कुमार: केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय में संभालेंगे नई जिम्मेदारी

​बिहार के मुख्यमंत्री के विश्वसनीय अधिकारियों में शुमार और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) के सचिव के रूप में लंबे समय तक अपनी सेवा देने वाले आईएएस अधिकारी अनुपम कुमार अब केंद्र की राजनीति और नीति-निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। राज्य सरकार द्वारा विरमित किए जाने के बाद वे अब केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय (Ministry of Power) में संयुक्त सचिव (Joint Secretary) के पद पर तैनात किए गए हैं।

​अनुपम कुमार का बिहार में कार्यकाल काफी प्रभावी रहा है। विशेष रूप से सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव के तौर पर उन्होंने सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने और मीडिया समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ऊर्जा मंत्रालय में उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब देश ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और नवीकरणीय ऊर्जा के लक्ष्यों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। केंद्र में उनकी यह भूमिका न केवल उनके करियर के लिए एक नई ऊंचाई है, बल्कि बिहार के प्रशासनिक कौशल को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर भी है।

बंदना प्रेयषी: उर्वरक एवं रसायन मंत्रालय में मिली अहम तैनाती

​बिहार की एक और कुशल प्रशासनिक अधिकारी और समाज कल्याण विभाग की सचिव बंदना प्रेयषी को भी केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति के लिए राज्य सरकार ने विरमित कर दिया है। उन्हें केंद्रीय उर्वरक एवं रसायन मंत्रालय में संयुक्त सचिव (उर्वरक) के पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

​बिहार जैसे कृषि प्रधान राज्य से आने वाली अधिकारी के लिए उर्वरक मंत्रालय में संयुक्त सचिव का पद अत्यंत प्रासंगिक माना जा रहा है। समाज कल्याण विभाग की सचिव के रूप में उन्होंने राज्य की महिलाओं, बच्चों और वंचित वर्गों के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया था। अब दिल्ली में उर्वरक विभाग की कमान संभालते हुए उनके पास देश के किसानों के लिए खाद और उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण प्रणाली को दुरुस्त करने की बड़ी चुनौती होगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने सोमवार को उनकी विमुक्ति से संबंधित औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी है।

डॉ. चंद्रशेखर सिंह: ‘सुपर सेक्रेटरी’ की भूमिका में आए नजर

​इन दो वरिष्ठ अधिकारियों के दिल्ली जाने से जो रिक्तता पैदा हुई है, उसे भरने के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव के पद पर तैनात डॉ. चंद्रशेखर सिंह पर भारी भरोसा जताया है। सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना के अनुसार, डॉ. चंद्रशेखर सिंह को उनकी वर्तमान जिम्मेदारियों के साथ-साथ कई अन्य महत्वपूर्ण विभागों का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है:

  • सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD): अनुपम कुमार के जाने के बाद इस विभाग की पूरी कमान अब डॉ. चंद्रशेखर सिंह संभालेंगे।
  • समाज कल्याण विभाग: बंदना प्रेयषी के स्थान पर अब वे समाज कल्याण सचिव की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी निभाएंगे।
  • संसदीय कार्य विभाग: इसके अलावा उन्हें संसदीय कार्य सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
  • बिहार विकास मिशन: राज्य की विकास योजनाओं की निगरानी करने वाली इस महत्वपूर्ण संस्था में उन्हें मिशन निदेशक की जिम्मेदारी भी निभानी होगी।

​डॉ. चंद्रशेखर सिंह इससे पहले पटना के जिलाधिकारी के रूप में अपनी प्रशासनिक क्षमता का लोहा मनवा चुके हैं। वर्तमान में मुख्यमंत्री सचिवालय में उनकी सक्रियता और विभिन्न विभागों के समन्वय में उनकी दक्षता को देखते हुए ही सरकार ने उन्हें इतने सारे विभागों की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है। हालांकि, एक साथ चार-पांच बड़े विभागों का नेतृत्व करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती होगी, विशेषकर तब जब बिहार विकास मिशन और सूचना विभाग जैसे विभाग सीधे तौर पर सरकार की छवि और नीतियों से जुड़े होते हैं।

प्रशासनिक प्रभाव और भविष्य की चुनौतियां

​बिहार कैडर के अधिकारियों का केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाना एक नियमित प्रक्रिया है, लेकिन एक साथ दो महत्वपूर्ण सचिव स्तर के अधिकारियों का विरमित होना राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में एक छोटा फेरबदल जरूर लाता है। अनुपम कुमार और बंदना प्रेयषी दोनों ही अपने-अपने क्षेत्रों के विशेषज्ञ माने जाते रहे हैं। अब उनकी अनुपस्थिति में डॉ. चंद्रशेखर सिंह को न केवल उन विभागों की निरंतरता बनाए रखनी होगी, बल्कि सरकार की प्राथमिकताओं को भी आगे बढ़ाना होगा।

​विशेष रूप से, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को संभालना डॉ. सिंह के लिए महत्वपूर्ण होगा क्योंकि चुनावी वर्ष या विकास के दावों के बीच संचार तंत्र की मजबूती अनिवार्य है। वहीं, समाज कल्याण विभाग में चल रही विभिन्न पेंशन और पोषण योजनाओं को सुचारू रूप से चलाना भी एक बड़ी जवाबदेही है। बिहार विकास मिशन के मिशन निदेशक के रूप में उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि सात निश्चय जैसी प्रमुख योजनाओं की गति धीमी न पड़े।

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