सीतामढ़ी, बिहार | 24 मार्च 2026: बिहार के सीतामढ़ी जिले से एक बेहद चौंकाने और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां मामूली विवाद ने एक मासूम की जान ले ली। सोनबरसा प्रखंड स्थित सहोरवा मध्य विद्यालय में चौथी कक्षा की छात्रा की कथित तौर पर उसके ही सहपाठियों द्वारा पिटाई के बाद मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामूली बात से शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, मृतक छात्रा स्मृति कुमारी स्कूल में पंखा चलाने गई थी। इसी दौरान उसकी दो सहपाठियों से इस बात को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते यह बहस झगड़े में बदल गई और आरोप है कि दोनों छात्राओं ने मिलकर स्मृति की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
इलाज के दौरान तोड़ा दम
घटना सोमवार दोपहर की बताई जा रही है। सूचना मिलते ही स्मृति के पिता स्कूल पहुंचे और घायल बेटी को तुरंत इलाज के लिए सोनबरसा और फिर सीतामढ़ी ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे पटना रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में गांधी सेतु पुल के पास ही उसने दम तोड़ दिया। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
शिक्षकों की भूमिका पर सवाल
मृतका के परिजनों ने विद्यालय प्रशासन और शिक्षकों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब बच्चों के बीच झगड़ा हो रहा था, तब किसी शिक्षक ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया। आरोप यह भी है कि एक सहायक शिक्षक ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय टिप्पणी की, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
इलाके में आक्रोश, जांच शुरू
घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों में बढ़ती हिंसा पर चिंता
यह घटना न केवल स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि बच्चों में बढ़ती आक्रामकता और गुस्से की प्रवृत्ति को भी उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों में अनुशासन, काउंसलिंग और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
यह मामला समाज के लिए एक चेतावनी है कि बच्चों के व्यवहार, मानसिक स्थिति और स्कूलों की जिम्मेदारी को लेकर गंभीरता से विचार किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाएं दोबारा न हों।


