समस्तीपुर में दारोगा को भीड़ ने बनाया बंधक: नशे में हंगामा करने का आरोप, वीडियो वायरल

समस्तीपुर, बिहार | 24 मार्च 2026: बिहार के समस्तीपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पुलिस अधिकारी को ही स्थानीय लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। विभूतिपुर थाना क्षेत्र में तैनात एक दारोगा को लोगों ने घेरकर कुछ समय के लिए बंधक बना लिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मिठाई की दुकान पर शुरू हुआ विवाद

मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी दारोगा की पहचान रिंकू सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह एक स्थानीय मिठाई की दुकान पर पहुंचे थे, जहां उन्होंने कथित तौर पर हंगामा शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि दारोगा नशे की हालत में थे और दुकानदार से बहस करते हुए लोगों को धमकाने लगे।

झूठे केस में फंसाने की धमकी का आरोप

स्थानीय लोगों का कहना है कि दारोगा ने बहस के दौरान कई लोगों को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी भी दी। इससे नाराज होकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। देखते ही देखते भीड़ ने दारोगा को पकड़ लिया और कुछ समय के लिए बंधक बना लिया।

समस्तीपुर में दारोगा को भीड़ ने बनाया बंधक: नशे में हंगामा करने का आरोप, वीडियो वायरल

पुलिस टीम ने छुड़ाया

घटना की सूचना मिलते ही विभूतिपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद पुलिस टीम ने दारोगा को भीड़ से मुक्त कराया और अपने साथ थाने ले गई। इसके बाद देर शाम उन्हें मेडिकल जांच के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल भेजा गया।

वायरल वीडियो ने बढ़ाई परेशानी

इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दारोगा और भीड़ के बीच का तनाव साफ देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे की कार्यशैली को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

अब तक नहीं आया आधिकारिक बयान

फिलहाल इस मामले में किसी वरिष्ठ अधिकारी का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार मामले की जांच शुरू कर दी गई है और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

पुलिस व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने न केवल पुलिस की छवि को प्रभावित किया है, बल्कि कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।

यह घटना बताती है कि कानून के रखवालों पर भी जवाबदेही उतनी ही जरूरी है, जितनी आम नागरिकों पर। जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी, लेकिन फिलहाल यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

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